Bihar School Renovation: भागलपुर जिले के सन्हौला प्रखंड में स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने सभी विद्यालयों में दीपावली से पहले रंग-रोगन का काम पूरा करने का आदेश दिया है। यह निर्देश राज्य सरकार की योजना के तहत दिया गया है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों का वातावरण साफ-सुथरा और आकर्षक बनाना है। हालांकि, इस निर्देश के साथ ही शिक्षकों की एक बड़ी चिंता भी सामने आई है। विद्यालयों को बीते करीब पांच महीने से मध्याह्न भोजन की राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों में काफी परेशानी है।
दीपावली से पहले स्कूलों को चमकाने की तैयारी
सन्हौला के सिल्क भवन में गुरुवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें सबसे प्रमुख दीपावली से पहले सभी विद्यालयों में रंग-रोगन का काम पूरा कराना है। बीईओ विकास कुमार ने प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर यह काम जल्द से जल्द निपटाने को कहा है। उनका मानना है कि इससे बच्चों को बेहतर और स्वच्छ शैक्षणिक माहौल मिल पाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र भी अब स्कूल परिसर में चलेंगे
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों को अब स्कूल परिसर में ही संचालित करने पर जोर दिया गया है। बीईओ ने स्पष्ट किया कि जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध है, वहां आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जाएं। जगह की कमी होने पर उपयुक्त स्थान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी से निकलने वाले बच्चों को सीधे स्कूली शिक्षा से जोड़ना है, ताकि कक्षा एक में उनका नामांकन आसानी से हो सके। स्कूलों में चारदीवारी और अन्य बुनियादी सुविधाएं होने से छोटे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।
5 महीने से अटका मध्याह्न भोजन का फंड, शिक्षक परेशान
नाम न छापने की शर्त पर कुछ शिक्षकों ने बताया कि मध्याह्न भोजन से संबंधित राशि का भुगतान करीब पांच महीने से नहीं हुआ है। इससे बकाया राशि को लेकर परेशानी बनी हुई है।
शिक्षकों की इस गंभीर समस्या पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि विद्यालयों को राशि का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। बीईओ ने बताया कि कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण यह भुगतान रुका हुआ है और उन्होंने जल्द ही समस्या का समाधान कर राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अब शिक्षकों को इन तकनीकी समस्याओं के दूर होने और बकाया राशि मिलने का बेसब्री से इंतजार है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

















