Markandey Katju taunt पर सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी दलों की रैली पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि तमाम बड़े विपक्षी नेताओं के एक मंच पर आने से भी कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला है।
रामलीला मैदान रैली और पूर्व जज का रिएक्शन
राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ इंडिया अलायंस की बड़ी रैली आयोजित की गई। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में दस लाख लोगों की भीड़ जुटी थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि आज की इस रैली में राहुल, खरगे, अखिलेश, तेजस्वी और ममता का समीकरण शून्य यानी जीरो के बराबर है। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि इन सभी नेताओं को जोड़ने के बाद भी परिणाम शून्य ही आएगा। काटजू के इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव के तीखे हमले
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश की आत्मा तथा संविधान पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के कदम के कारण देश का गला घोंटा जा रहा है और इसके चलते मुख्य निर्वाचन आयुक्त रात में सो नहीं पा रहे हैं।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 27 लाख मतदाताओं के नाम सूची से काटे जाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को मालूम है कि जनता उन्हें समर्थन नहीं देगी, इसलिए वोट चोरी के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हथियार बनाया जा रहा है। विपक्षी नेताओं के इन बयानों ने राष्ट्रीय राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ा दी है।







