Bihar MLC election results के बाद Bihar की राजनीति में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणामों ने एनडीए के भीतर आंतरिक कलह और खींचतान की चर्चाओं को हवा दे दी है। इस चुनाव में गठबंधन को चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है, जिनमें से तीन सीटें अकेले जेडीयू के कोटे की थीं। परिणामों के ठीक बाद दो बागी निर्दलीय उम्मीदवारों के बीजेपी खेमे में शामिल होने से राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
विधान परिषद चुनाव में किस दल को मिली कितनी सीटें
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रक्रिया पूरी हुई थी। चुनाव के जो नतीजे सामने आए, उनमें भारतीय जनता पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जेडीयू, आरजेडी और जनसुराज के खाते में एक-एक सीट आई। इसके अलावा दो सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी, जबकि कांग्रेस पार्टी अपना खाता तक खोलने में नाकामयाब रही। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने ही चार-चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।
| दल / पक्ष | लड़ी गई सीटें | जीत की संख्या |
|---|---|---|
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 4 | 3 |
| जेडीयू (JDU) | 4 | 1 |
| आरजेडी (RJD) | – | 1 |
| जनसुराज | – | 1 |
| निर्दलीय | – | 2 |
| कांग्रेस | – | 0 |
इस चुनाव में जेडीयू को अपनी तीन सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा, जिससे पार्टी के भीतर गहरी निराशा है। वहीं, बीजेपी को भी पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बड़ा झटका लगा, जहां पार्टी के पांच बार के विधान पार्षद नवल किशोर यादव को आरजेडी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।
निर्दलीय विजेताओं का बीजेपी को समर्थन और सियासी मायने
चुनाव में बागी तेवर अपनाकर मैदान में उतरे और जीत हासिल करने वाले दो निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज अब औपचारिक रूप से बीजेपी के साथ आ गए हैं। इन दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की है। बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक और राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी, और दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही सीटों पर जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशियों को हार मिली थी।
मैं अपने ही राजनीतिक परिवार के भीतर रचे गये चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेला पड़ गया था। – अभिषेक झा, पराजित जेडीयू उम्मीदवार
तिरहुत स्नातक सीट पर हारने वाले जेडीयू प्रत्याशी अभिषेक झा ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए गठबंधन के भीतर कथित असहयोग पर सवाल उठाए हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है। जनसुराज और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सोची-समझी रणनीति के तहत सहयोगियों को कमजोर कर रही है। हालांकि, इन राजनीतिक बयानों के बीच विधान परिषद में बीजेपी की कुल ताकत बढ़कर अब 26 सदस्यों तक पहुंच गई है, जबकि जेडीयू के पास 20 सदस्य हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी समीकरण राज्य की राजनीति में और क्या मोड़ लेते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







