Darbhanga News: दरभंगा में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल विकास परियोजना, कुशेश्वरस्थान पूर्वी की महिला पर्यवेक्षिका राम शोभा कुमारी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह फैसला उनके लगातार खराब कार्य प्रदर्शन, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही के कारण लिया गया है। इस सख्त कदम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों हुई महिला पर्यवेक्षिका पर कार्रवाई?
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने बताया कि विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान श्रीमती राम शोभा कुमारी का प्रदर्शन लगातार असंतोषजनक रहा था। विशेष रूप से, 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित ICDS की समीक्षात्मक बैठक में कुशेश्वरस्थान पूर्वी के सेक्टर संख्या-02 की प्रगति बेहद खराब पाई गई। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि उनके द्वारा विभागीय योजनाओं और निर्धारित जिम्मेदारियों के निष्पादन में कोई गंभीरता या तत्परता नहीं दिखाई जा रही थी, जिसके कारण संबंधित सेक्टर की उपलब्धियां निचले स्तर पर थीं।
पहले भी मिली थी चेतावनी, नहीं सुधरी कार्यशैली
यह पहला मौका नहीं था जब श्रीमती राम शोभा कुमारी के कार्य पर सवाल उठे हों। जिलाधिकारी के अनुसार, उनके सेक्टर की प्रगति पहले भी लगातार खराब पाई जाती रही थी। इस संबंध में उन्हें समय-समय पर मौखिक निर्देश दिए गए, चेतावनी दी गई और स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन उनके कार्य निष्पादन में कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि कुशेश्वरस्थान पूर्वी में पदस्थापन से पहले जब वे मनीगाछी परियोजना में कार्यरत थीं, तब भी उन पर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, लक्ष्य पूरा न करने और अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप लगे थे, जिन पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई थी। कई बार उन्होंने समय पर जवाब नहीं दिया, और जो जवाब दिए, वे भी संतोषजनक नहीं पाए गए।
कौन से नियम के तहत अनुबंध रद्द?
जिलाधिकारी ने बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को श्रीमती राम शोभा कुमारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण का अवलोकन और परीक्षण करने के बाद भी उसे संतोषजनक नहीं पाया गया, क्योंकि उसमें कोई ठोस या तथ्यपरक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया था। उपलब्ध अभिलेखों, पूर्व में जारी स्पष्टीकरणों, पोषण ट्रैकर के आंकड़ों और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कुशेश्वरस्थान पूर्वी के प्रतिवेदन की गहन जांच से यह साफ हो गया कि उन्होंने महिला पर्यवेक्षिका के रूप में सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ नहीं किया। विशेष रूप से, उनका सेक्टर जिले के कुल 168 सेक्टरों में अंतिम स्थान पर था, पोषण ट्रैकर के महत्वपूर्ण सूचकांकों में लगातार न्यूनतम उपलब्धि थी, आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण नहीं होता था, और महिला एवं बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं में कोई प्रगति नहीं थी।
इन सभी गंभीर शिथिलताओं और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को देखते हुए, महिला पर्यवेक्षिका चयन मार्गदर्शिका, 2010 की कंडिका XIV (ख) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीमती राम शोभा कुमारी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिहार सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।







