Darbhanga News: जनहित के कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर दरभंगा जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने गौड़ाबौराम प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित निम्नवर्गीय लिपिक-सह-प्रभारी नाजिर जटा शंकर झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर गंभीर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही का आरोप है, जिसके कारण प्रखंड के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हुए।
सरकारी कार्यों में बाधा, डीएम ने लिया कड़ा फैसला
प्रखंड विकास पदाधिकारी, गौड़ाबौराम द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के अनुसार, जटा शंकर झा के गैर-जिम्मेदाराना आचरण को लेकर पहले भी स्पष्टीकरण मांगा गया था और उनका वेतन भी रोक दिया गया था। इसके बावजूद, उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में अपना स्पष्टीकरण जमा नहीं किया। वह बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार प्रखंड मुख्यालय से अनुपस्थित रहे। कार्यालय द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने के कई प्रयासों के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
प्रतिवेदन में यह भी खुलासा हुआ है कि श्री झा कार्यालय से जाते समय नजारत की चाभी अपने साथ ले गए थे। इस कृत्य के कारण रोकड़ पंजी, महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेखों और कार्यालय के दैनिक वित्तीय लेन-देन से संबंधित सभी कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए। उनके इस रवैये से प्रखंड कार्यालय के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आगामी जनगणना, निर्वाचन संबंधी प्रारंभिक तैयारियों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी बुरा असर पड़ा है।
निलंबन के बाद बिरौल अनुमंडल कार्यालय होगा नया मुख्यालय
जिला पदाधिकारी ने जटा शंकर झा के इस कृत्य को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3 (1) (i), (ii) एवं (iii) का उल्लंघन माना है। इसके साथ ही, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की कंडिका-9 के उपनियम 1 (क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका नया मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय, बिरौल निर्धारित किया गया है। उन्हें प्रतिदिन बिरौल अनुमंडल कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके अतिरिक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी, गौड़ाबौराम को निर्देश दिया गया है कि वे जटा शंकर झा के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करें। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित करने वाले किसी भी प्रकार के आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। सरकारी सेवकों से अपेक्षा है कि वे पूरी निष्ठा, जवाबदेही एवं अनुशासन के साथ अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें।’
इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनसेवा से जुड़े कार्यों को बाधित करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।








