Bihar Child Labor: बिहार में बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीतामढ़ी में एक विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

यह ‘प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर’ द्वारा स्थापित दूसरा ऐसा केंद्र है। इससे पहले अगस्त में पटना में एक केंद्र खोला गया था, जिसका संचालन सफलतापूर्वक हो रहा है। जल्द ही गयाजी में भी इसी तरह का एक और केंद्र शुरू करने की योजना है, जिससे राज्य भर में बाल श्रमिकों के पुनर्वास के प्रयासों को बल मिलेगा।
बाल श्रम मुक्त समाज की ओर बिहार
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने उद्घाटन के दौरान कहा कि बाल श्रम सामाजिक जागरूकता की कमी और आर्थिक कमजोरियों का परिणाम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर घर वापस भेजना नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। इन विशेष आवासीय केंद्रों में बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
‘सरकार का उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर केवल घर वापस पहुंचाना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है।’
उन्होंने बाल श्रम मुक्त समाज बनाने के संकल्प को दोहराते हुए बताया कि प्रत्येक प्रखंड की कम से कम तीन पंचायतों को बालश्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल Bihar Child Labor की समस्या से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल
बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने इस पहल को बच्चों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बालगृहों से 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद निकलने वाले बच्चों को अक्सर शिक्षा, रोजगार और आजीविका की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें पहले से कौशल प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है।
श्रमायुक्त राजेश भारती ने इन केंद्रों को भविष्य में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की बात कही, जिससे बाल श्रमिकों के पुनर्वास और विकास के लिए उच्च मानक स्थापित किए जा सकें। यह कदम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








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