बालू खनन में मलाई खाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है। आर्थिक अपराध इकाई ने आज कोइलवर के तत्कालीन अंचलाधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। EOU अंचलाधिकारी के तीन ठिकानों पर रेड कर रही है।
कोईलवार में सीओ रहे अनुज प्रसाद पर बड़ा एक्शन
जानकारी के अनुसार, नवादा जिले के सिरदला प्रखंड क्षेत्र के लौंद बाजार में आर्थिक अपराध इकाई बिहार की टीम ने शुक्रवार को भोजपुर के पूर्व सीओ अनुज कुमार के पैतृक ठिकाने पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई भोजपुर जिले के कोईलवार में सीओ रहे अनुज प्रसाद के पिता दुर्गानंद प्रसाद के आवास पर की जा रही है। घर के असापास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सिरदला थाना की पुलिस भी सुरक्षसा में तैनात है। टीम के द्वारा घर के अंदर सघन तलाशी ली जा रही है।
EOU टीम आज सुबह से ही अंचलाधिकारी के पटना स्थित जगदेव पथ आवास, नवादा स्थित पैतृक आवास और गया ससुराल में छापेमारी कर रही है। कोईलवर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अनुज कुमार के खिलाफ 18 नवंबर को आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया। इसके बाद कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर आर्थिक अपराध इकाई तीन ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर 21 को इनके खिलाफ आर्थिक अपराधा थाना में कांड 25-21 दर्ज किया गया था। भ्रष्टाचार निरोधी अधिनियम की विभिन्न धारओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जो जानकारी मिली है उसके अनुसार सोन नदी से बालू का व्यापक पैमाने पर हुई चाेरी के मामले में सरकार द्वारा भोजपुर, रोहतास व औरंगाबाद के कई कनीय से लेकर बड़े अधिकारियों के उपर दंडात्मक कार्रवाई की गई थी।
स्थानांतरण से लेकर निलंबन तक किया गया था। काेईलवर सीओ रहते अनुज प्रसाद का दामन भी दागदार हुआ। वे भी निलंबित हुए थे। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के जरिए काली कमाई के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई है।
बताया जा रहा है कि उनके गया के मुफस्सिल थाना इलाके स्थित ससुराल व पटना स्थित वर्तमान आवास और नवादा के पैतृक आवास पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई है। छापेमारी में शामिल अधिकारी अभी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है उन्होंने कहा कि समय का इंतजार कीजिए जो भी कुछ जानकारी देने लायक तथ्य होंगे जरूर दिया जाएगा।
बालू खनन में माफियाओं से मिलीभगत के आरोप में 4 दर्जन से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। इनमें 2 जिलों के एसपी समेत डीएसपी, एसडीओ, अंचलाधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल थे।

















