समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड के जगदर के दसौत में अतिक्रमण खाली कराने के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। इससे जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका। वहीं, पुलिस की नाकामी के कारण जेसीबी को भी असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मुंसिफ अदालत रोसड़ा समस्तीपुर ने मुकदमा हकियत इजराय वाद संख्या 03/2017 में रेणुका देवी पति सुरेश झा, निवासी ग्राम जगदर, पोस्ट दसौत डिगरीदार बनाम गुली यादव उर्फ गुलाब यादव पिता धनिक लाल यादव बगैरह के मामले में संज्ञान लिया।
अधिकार वाद संख्या 07/1997 में मुद्दई रेणुका देवी को मुंसिफ कोर्ट की ओर से चौदह जुलाई को डिग्री दिया गया। खाता संख्या 05, खेसरा संख्या 29, 30,31 रकबा 6 कट्ठा 4 धुर के लिए कोर्ट की ओर से आदेश दिया गया कि इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। वहीं, मुद्दई को इस जमीन पर कब्जा दिलवाया जाए।
न्यायालय के आदेश के अनुसार आज अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए रोसड़ा मुंसिफ कोर्ट से विपिन कुमार नाजीर, गोपाल प्रसाद सिंह अमला, अनिल कुमार राय वकील अपने ऑर्डर के साथ 1 बजे दिन में पहुंचे।
2 बजे के करीब प्रशासन विनोद कुमार, ASI ओपी प्रभारी शिवाजीनगर 52 के संख्या में पुलिस बल के साथ जमीन पर पहुंचे। उनके साथ मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सक्सेना, अंचलाधिकारी प्रिया अरयानी, राजस्व अधिकारी शिवाजीनगर भी पहुंचे। अतिक्रमण मुक्त के लिए जब ऑपरेशन चालू किया गया तो वहां दूसरे पक्ष की गुली यादव की तरफ से विरोध प्रगट किया गया।
पुलिस के ऊपर पथराव भी किया गया। पुलिस अपना बल प्रयोग करके जमात को तितर-बितर कर दिया और ऑपरेशन जारी रखा। करीब एक घंटा तक अतिक्रमण किया हुआ जमीन पर 2 जेसीबी काम करता रहा। प्रशासन अपनी निगरानी में अतिक्रमण को हटाता रहा।
प्रशासन के साथ बीच-बीच में असामाजिक तत्त्व झड़प करता रहा। पर, प्रशासन एक का भी नहीं सुना और ऑपरेशन जारी रखा। इसी बीच 3 बजे दोपहर में प्रतिवादी की तरफ की एक वृद्ध महिला बेहोश हो गई। इसके कारण प्रशासन कमजोर नजर आने लगा।
प्रशासन को बीच में ही ऑपरेशन रोकना पड़ा। अंत में अंचलाधिकारी और नाजीर साहब के आदेश अनुसार बीच में ही ऑपरेशन को रोकने का आदेश दिया गया। इसके कारण आज रेणुका देवी की जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका।

















