किशनगंज, देशज टाइम्स। मोदी लहर में भी किशनगंज के हाथ से कश्ती नहीं छूटी। डूबती पार्टी की स्थिति व चुनाव में नरेंद्र मोदी के विकास के एंजेडे के आगे किसी भी विपक्षी दल की कोई दाल नहीं गली। बिहार में तो सिर्फ किशनगंज सीट पर कांग्रेस अपना किला बचाने में कामयाब रही। कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. जावेद आजाद को 3,66,820 वोट मिले। दूसरे नंबर पर एनडीए उम्मीदवार को 3,32,325 वोट मिले। तीसरे नंबर पर एआईएमआईएम उम्मीदवार अख्तरुल इमाम 2,94,859 वोट से ही संतोष करना पड़ा। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में इस सीट पर लोगों ने नोटा के बटन का भी जमकर प्रयोग किया। यहां से 19,719 नोटा को पड़े।
वहीं विधायक से सांसद बने डॉ. आजाद ने बताया कि यहां के लोगों के चाहत की जीत हुई हैं। लोगों ने अपना प्यार और विश्वास हमें दिया है। हमारी भी कोशिश रहेगी कि लोगों कि उम्मीदों पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता विकास करने की ही होगी। उल्लेखनीय है कि 1957 से 2019 तक 17वीं लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने किशनगंज से नौ बार जीत हासिल की है।
वहीं, बसपा के इंद्रदेव पासवान 6,790, टीएमसी के जावेद अख्तर 5,481, आम आदमी पाटी के अलिमुद्दीन अंसारी 9,822, शिवसेना के प्रदीप कुमार सिंह 3,260, बहुजन मुक्ति पाटी के राजेंद्र पासवान 4,013, झामुमो के शुकुल मुरमू 10,273, निर्दलीय प्रत्याशी अजीमुद्दीन 4,755, निर्दलीय प्रत्याशी आशद आलम 8,133, निर्दलीय प्रत्याशी छोटे लाल महतो 8,699, निर्दलीय प्रत्याशी राजेश दुबे 15,182, निर्दलीय प्रत्याशी हसेरुल 10,860 वोट लाए हैं। 








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