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फ़रवरी, 12, 2026

दादा कहिन ( Deshaj Times Cartoon )

ए सुन लालटोपी वाले…मुझ को कहानियां ना सुना शहर को बचा

आलीशान इमारतें तो हैं मगर समतल व चौड़ी सड़कों पर फर्राटा दौड़ती कारें व चकाचौंध रौशनी हमारे शहर को नसीब नहीं। कहने को यह...

अब अंतिम आसरा, केवल बेरोजगारी भत्ता है, निर्णयकर्ता आने वाली सत्ता है…

सत्ता में जो भी सरकारें आतीं हैं बेरोजगारों को रोजगार का सपना दिखाती है। मगर, हकीकत यही है आज तक देश भर बेरोजगारी को...

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता

यही हालात हैं शहर के। नगर निगम के वश का नहीं रहा एक-एक कूड़े को चुन-चुनकर उठा लेना। एक तरफ लोग मानने को...

लाठी,खुरपा,बीट,रमन्ना,कुछ भी भर लो मुंशी जी,आमद कर लो मुंशी जी…

दरभंगा समेत पूरे बिहार में इन दिनों अपराधियों की बादशाहत कायम हो गई है। हत्या आम तो लूट, छिनतई सरेआम। ऐसे में, हालात...
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देखो आज फिर पीकर आया है, यही हाल होता है शराबी का …

कहने को बिहार में पूर्ण शराब बंदी है मगर हकीकत यही है यहां आम व खास से लेकर पुलिसवाले, खद्दरधारी नेताजी से लेकर चूहे...

तुम्हीं पी, खा, बांधकर भी लिए जा रहे हो कहां का नियम है बताओगे भाई

नया साल बेहद करीब है। लोगों की तैयारी सर्द रातों में, दिन के कुहासों से शुरू हो गई है। ऐसे में, गरीबों का अपना...

रिश्वत लेने से अच्छा था, भिक्षा लेकर जी लेते…

चेकिंग के नाम पर पुलिस अवैध वसूली कर रही है। डरा धमकाकर पैसा ऐंठा जा रहा है। नो इंट्री में गाड़ियों को पैसा लेकर...

आसमानों से फ़रिश्ते जो उतारे जाएं, वो भी इस दौर में सच बोलें तो मारे जाएं..

सरकारी कार्य संस्कृति में इतने पेंच हैं, आम आदमी थककर चूर हो जाए एक कागज इधर से उधर सरकारी दफ्तर में हो ना पाए।...
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चोरी न करें झूठ न बोलें तो क्या करें, चूल्हे पे क्या उसूल पकाएंगे शाम को।

शहर में अपराध अब आपे से बाहर है। हर रोज हत्या, चोरी, डकैती, छिनतई की घटनाओं ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में रहने...

बदन के घाव दिखा कर जो अपना पेट भरता है, सुना है, वो भिखारी जख्म भर जाने से डरता है

हां डंके की चोट पर कहता हूं,मैं भिखारी हूं। मेरे पेशे का नहीं होता है कोई सरकारी पंजीकरण। न कोई विभाग ही बना है...

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