मुख्य बातें: मिशन परिवार विकास अभियान की सफलता को लेकर परिवार नियोजन मेला का आयोजन, सदर अस्पताल में मेले का हुआ आयोजन, लोगों को किया गया जागरूक, बच्चे दो ही अच्छे, छोटा परिवार सुखी परिवार समझदारी दिखाइए, परिवार नियोजन का साधन अपनाइए
समीर कुमार मिश्रा, मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो प्रमुख। जिले में मिशन परिवार विकास अभियान के तहत 4 से 10 सितंबर तक दंपती संपर्क पखवाड़ा तथा 11 सितंबर से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है।






इसके तहत परिवार नियोजन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेले का आयोजन किया गया। मेले में लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधन के बारे में जानकारी दी गई।
साथ हीं नियोजन के अस्थायी साधनों के स्टॉल लगाए गए। इसके माध्यम परिवार नियोजन को अपनाने के लिए योग्य दंम्पत्तियों एवं उनके परिवार वालों को जागरूक किया गया। वहीं, सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई तमाम सुविधाओं कीं भी विस्तृत जानकारी दी गई।
मेले का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ.नरेश कुमार भीमसारिया, एसीएमओ डॉ. आरके सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास ,अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद, पिरामल तथा सहयोगी संस्थाओं समेत बड़ी संख्या में एएनएम व आशा कार्यकर्ता के अलावा योग्य दंपती भी मौजूद थे।
मेले में फैमिली प्लानिंग कार्नर की भी हुई स्थापना :मेले में फैमिली प्लानिंग कार्नर की स्थापना की गयी है जहां तैनात एएनएम की ओर से महिलाओं को स्थायी और अस्थायी संसाधनों की जानकारी दी गई।
इसमें अगर कोई महिला परिवार नियोजन ऑपरेशन के लिए इच्छुक हैं किन्तु, वह शारीरिक रूप से ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं हैं तो ऐसे महिलाओं को कंडोम, काॅपर-टी, छाया,अंतरा समेत अन्य अस्थायी संसाधनों की जानकारी देकर अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कॉर्नर पर ही उक्त संसाधन मुफ्त में उपलब्ध कराए गए। इससे अस्थायी संसाधनों को भी गति मिले और लोगों को आसानी के साथ सुविधा का लाभ मिल सके।
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने बताया बताया, वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित है। इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। किन्तु, किसी भी प्रकार का वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के पूर्व हर हाल में चिकित्सकों से सलाह लें और चिकित्सा परामर्श के बाद ही अपनाएं। ताकि अपनाने के बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
छोटा और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन जरूरी : सिविल सर्जन ने बताया, इस दौरान योग्य दंम्पत्तियों एवं उनके परिवार वालों को परिवार नियोजन की सुविधा अपनाने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही इस साधन को अपनाने से होने वाले फायदे, सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई तमाम सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। ताकि योग्य महिलाएं इस साधन को अपनाने के लिए बेहिचक आगे आ सकें।
वहीं, उन्होंने कहा, छोटा और खुशहाल परिवार के लिए परिवार नियोजन को अपनाने की बेहद जरूरत है। क्योंकि, जब आपका परिवार छोटा होगा, तभी आपके पूरे परिवार को उचित परवरिश मिलेगी। और, आप अपने बच्चे को उचित शिक्षा देने में सक्षम रहेंगे। इसलिए, शादी के साथ ही परिवार की संख्या की योजना तैयार करें।
स्वस्थ मां और मजबूत बच्चे के लिए तीन साल का अंतर जरूरी : एसीएमओ डॉ. आर.के सिंह ने कहा, स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे के लिए बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर रखना जरूरी है। इसीलिए, अगर आप खुशहाल परिवार की जिंदगी जीना चाहते हैं तो पहला बच्चा 20 के बाद और दूसरे बच्चे में कम से कम तीन साल का अंतराल जरूर रखें।
इससे ना सिर्फ स्वस्थ मां और मजबूत बच्चे होंगे , बल्कि, जच्चा-बच्चा दोनों भविष्य में भी अनावश्यक शारीरिक परेशानी से दूर रहेंगे। दरअसल, तीन साल का अंतर रखने से माँ तो स्वस्थ रहती ही है।
साथ ही बच्चे की भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जिससे दोनों संक्रामक समेत अन्य बीमारियों से भी दूर रहते हैं। वहीं, उन्होंने कहा इस साधन को अपनाने से ना सिर्फ छोटा और सीमित परिवार होगा, बल्कि, महिलाओं की शारीरिक विकास होगा व परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।








