Bhagalpur Overbridge: भागलपुर के भागलपुर जिले में स्थित अजगैवीनाथ धाम-तारापुर मुख्य मार्ग पर बने रोड ओवरब्रिज (ROB) पर अब भारी वाहन और बसें नहीं चल पाएंगी। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संभावित दुर्घटनाओं को टालने के लिए इस ओवरब्रिज पर भारी वाहनों और बसों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
रविवार को ही प्रशासन ने पुल के दोनों किनारों पर लोहे के मजबूत बैरियर लगा दिए, जिसके बाद से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन ठप हो गया है। इस फैसले से देवघर, तारापुर और जमुई की ओर जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा।






क्यों बंद हुआ अजगैवीनाथ धाम ओवरब्रिज?
अजगैवीनाथ धाम ओवरब्रिज कई जगहों से कमजोर हो चुका था। लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव से पुल की संरचना पर खतरा मंडरा रहा था, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इसी गंभीर स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुल को भारी वाहनों के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यात्रियों को अब कौन सा रूट लेना होगा?
अजगैवीनाथ धाम ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की नो-एंट्री के बाद, देवघर, तारापुर और जमुई की ओर जाने वाले वाहनों को अब दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ेगा। प्रशासन ने अभी आधिकारिक तौर पर वैकल्पिक मार्गों की घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर छोटे वाहनों के लिए अन्य रास्ते उपलब्ध हैं। भारी वाहनों को अब लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ेगी।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा फैसला लिया है। ओवरब्रिज को भारी वाहनों के वजन से बचाने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुल के दोनों छोर पर लोहे का मजबूत बैरियर लगा दिया गया।
इस प्रतिबंध का सीधा असर क्षेत्र के परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा। हालांकि, यह फैसला लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिए अनिवार्य था। प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी जारी कर सकता है, ताकि यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें कुछ हद तक कम हो सकें।








