Bihar Women Employment Scheme: गुरुवार का दिन भागलपुर की हजारों महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की 5,672 महिला लाभुकों के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता की राशि ट्रांसफर की गई। इन लाभार्थियों में 2,672 महिलाओं को पहली किस्त के तौर पर 10-10 हजार रुपये मिले, जबकि 3,000 से अधिक महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। यह पहल ऐसे समय में की गई है, जब सरकार ग्रामीण और शहरी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना, परिवार की आय बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस वित्तीय सहायता से महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और अपनी आजीविका बेहतर बना सकेंगी।
पटना से हुआ शुभारंभ, भागलपुर में सीधा प्रसारण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार से ‘समृद्ध महिला – समृद्ध बिहार अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का भागलपुर जिले में भी सीधा प्रसारण देखा गया, जिससे स्थानीय महिलाएं इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बन सकीं। इसी अभियान के अंतर्गत, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिला लाभुकों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी गई। भागलपुर की कुल 5,672 महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिला है।
भागलपुर की 2,672 महिलाओं को पहली किस्त में 10-10 हजार रुपये मिले, वहीं 3,000 से अधिक महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। यह आर्थिक संबल उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने में मदद करेगा।
महिलाओं के लिए सिर्फ पैसा नहीं, रोजगार का नया रास्ता
इस योजना के तहत मिलने वाली राशि का मकसद केवल तात्कालिक आर्थिक मदद देना नहीं है। सरकार की मंशा है कि इस पूंजी के माध्यम से महिलाएं रोजगार या छोटे व्यवसाय की शुरुआत कर सकें और उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों से आय अर्जित कर सकती हैं। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई वित्तीय सहायता और ऋण सुविधा से महिलाओं के लिए अपना कारोबार शुरू करना अब आसान हो गया है।
यह सरकारी सहायता उन महिलाओं के लिए शुरुआती पूंजी का काम करेगी, जो छोटी पूंजी के अभाव में अपने व्यापारिक विचारों को साकार नहीं कर पाती थीं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवार की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
भागलपुर की 238 पंचायतों में खुलेंगे जीविका सुधा बिक्री केंद्र
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को स्थानीय बाजार से जोड़ने के लिए भागलपुर जिले की सभी 238 ग्राम पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र शुरू करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इस पहल के तहत, महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 60-60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
अब तक जिले की 191 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए महिला उद्यमियों का चयन किया जा चुका है। शेष पंचायतों में भी जल्द ही महिला उद्यमियों के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। इन बिक्री केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बाजार और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
198 महिलाओं को 1.31 करोड़ रुपये के ऋण की मंजूरी
गुरुवार के कार्यक्रम में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ऋण सुविधा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। जिले की 198 महिलाओं के लिए 1 करोड़ 31 लाख 15 रुपये के ऋण को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, जीविका निधि पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन करने वाली जिले की 231 महिलाओं के ऋण प्रस्तावों को भी मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है। बिहार राज्य जीविका निधि सहकारी साख समिति लिमिटेड यानी जीविका निधि के जरिए महिलाओं को आसान दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
5 लाख से अधिक महिलाओं को मिल चुकी पहली किस्त
भागलपुर जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दायरा काफी विस्तृत है। अब तक 5 लाख 11 हजार से अधिक महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। यह आंकड़ा योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। अब मुख्य चुनौती यह होगी कि सहायता राशि पाने वाली महिलाएं इसे किस प्रकार रोजगार में बदलती हैं और कितनी महिलाएं अपने छोटे कारोबार को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाकर नियमित आय का स्थायी जरिया बना पाती हैं। सरकारी सहायता के साथ-साथ बाजार, प्रशिक्षण, ऋण और बिक्री की सुविधा उपलब्ध होना इस योजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







