फर्जी आधार कार्ड: क्या आपके हाथ में भी नकली पहचान पत्र थमाने की साजिश हो रही है? बिहार के दरभंगा में एक ऐसे ही बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो लोगों को ठगने के लिए धड़ल्ले से जाली आधार कार्ड बना रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिरों को दबोचा है और इस गोरखधंधे में इस्तेमाल होने वाले कई हाई-टेक उपकरण भी जब्त किए हैं।
दरभंगा में साइबर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बहेड़ी बाजार के एक स्टूडियो में चल रहे फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई में न सिर्फ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, बल्कि मौके से भारी मात्रा में उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इस गिरोह के तार कितने गहरे जुड़े हैं और इसने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है, इसकी जांच जारी है।
पहचान बदलने का ‘कमल स्टूडियो’
साइबर एसडीपीओ सह थानाध्यक्ष विपिन बिहारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। उन्हें जानकारी मिली कि बहेड़ी बाजार स्थित “कमल स्टूडियो” नामक दुकान में अवैध तरीके से सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही साइबर थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने स्टूडियो पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि वहां आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से जाली दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।
छापेमारी दल ने मौके से दो अभियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और फर्जी पहचान पत्र बनाने से जुड़ी कई संदिग्ध सामग्रियां जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों से मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी पहचान पत्र मुहैया कराता था, जिससे वे विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों में धोखाधड़ी कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आगे की जांच और साइबर अपराध पर नकेल
एसडीपीओ विपिन बिहारी ने आगे बताया कि पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन आरोपियों के तार किन-किन इलाकों से जुड़े हैं और अब तक उन्होंने कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इस फर्जी आधार कार्ड से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते दायरे को उजागर किया है। ऐसे गिरोह न सिर्फ व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि देश की सुरक्षा और पहचान प्रणाली के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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