दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। Darbhanga कोर्ट पोक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रतिमा परिहार(Pratima Parihar) ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश प्रतिमा परिहार ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म में 55 साल के बुर्जुग को दोषी करार दिया है। वहीं, मामले में फैसला 5 जुलाई को सुनाने की बात कही है। पढ़िए यह पूरी खबर जिसमें समाज के अंदर व्याप्त दरिंदगी पर कोर्ट बड़ा प्रहार करने जा रहा है। मामला जाले से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, जिला न्याय मंडल दरभंगा के पोक्सो अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रतिमा परिहार की अदालत ने एक पांच वर्षीय अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को शनिवार को दोषी करार दिया है।






दुष्कर्म की घटना चार साल पहले की है। अदालत ने जाले थानाकांड सं.48/19 से बने जीआर नं. 19/19 में जाले थाना क्षेत्र के दर्जी टोला निवासी सादिर कुरैशी को भादवि की धारा 376A,B और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में दोषी करार दिया है।
पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पराजित ने बताया कि अभियुक्त कुरैशी ने 6 अप्रैल 19 को 10 बजे दिन में अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। इसकी प्राथमिकी जाले थाना में संस्थित हुई।
अनुसंधानक ने अभियुक्त को 15 मई 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, कांड का अनुसंधान पूर्ण कर 31 मई 2019 को आरोप पत्र समर्पित कर दिया। अदालत ने 19 जून 19 को संज्ञान लिया। वहीं, 15 नवंबर 19 को आरोप गठन किया गया।
स्पेशल पीपी ने अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों की गवाही कराई। शनिवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई पूरी कर अभियुक्त को जुर्मी घोषित किया है।
अदालत ने दुष्कर्मी को सजा की अवधि का निर्धारण के बिंदु पर सुनवाई और निर्णय के लिए पांच जुलाई बुधवार की तिथि निर्धारित की है। करीब पचपन साल के इस व्यक्ति ने पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर सामाजिक संरचना पर गंभीर चोट किया है।








