Bihar Highway Projects: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र ने राज्य की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए दरभंगा-जयनगर हाईवे और राम जानकी मार्ग के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की समय-सीमा तय कर दी है। इन निर्देशों से राज्य के बुनियादी ढांचे को तेजी मिलेगी और लाखों लोगों का आवागमन सुगम हो सकेगा।
दरभंगा-जयनगर हाईवे पर तेजी से काम
शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में, पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र ने दरभंगा-जयनगर (एनएच-527 बी, पैकेज-सेकेंड, किमी 31 से 54) से संबंधित लगभग 38 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के डीपीआर को शीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। इस सड़क के बनने से मिथिलांचल क्षेत्र में आवागमन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
राम जानकी मार्ग के लिए 7 दिन की डेडलाइन
इसी बैठक में, मशरक-चकिया-भिठामोड़ (एनएच-227 और एनएच-227 ए) के तहत आने वाले राम जानकी मार्ग की 146 किलोमीटर लंबी परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मंत्री ने इस महत्वपूर्ण मार्ग का डीपीआर एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है, जिससे इसके निर्माण कार्य को जल्द गति मिल सके। यह मार्ग धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
अरवल-बिहारशरीफ परियोजना पर भी फोकस
इसके अतिरिक्त, अरवल से बिहारशरीफ तक (पुराना एनएच-110, अब एनएच-33) कुल 89 किलोमीटर लंबी परियोजना के डीपीआर और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यह सड़क परियोजना दक्षिण बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ेगी।
इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं और उनकी वर्तमान स्थिति को आप नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| सड़क परियोजना | एनएच नंबर | लंबाई | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| दरभंगा – जयनगर | NH-527B | 38 किमी | DPR तैयारी का निर्देश |
| मशरक – चकिया – भिठामोड़ | NH-227 / 227A | 146 किमी | 1 सप्ताह में DPR का निर्देश |
| अरवल – बिहारशरीफ | NH-33 (पुराना NH-110) | 89 किमी | समयसीमा में प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश |
इन निर्देशों से राज्य भर में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाले समय को काफी कम करने में मदद मिलेगी।
समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य और अधिकारी
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को और भी मजबूत बनाना है। साथ ही, डीपीआर अनुमोदन और निर्माण कार्य में लगने वाले समय को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में अभियंता प्रमुख, उत्तर बिहार के मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ के मुख्य अभियंता, बीएसआरडीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक और पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक सहित कई विभागीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे। यह पहल बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।







