Bihar Reservation: देशभर में आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच, बिहार के दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक मैथिली ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने युवाओं से एकजुट होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने की अपील की है।
आरक्षण पर मैथिली ठाकुर का स्पष्ट रुख
मैथिली ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी सोच को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कई लोग चाहते थे कि वह इस संवेदनशील विषय पर खुलकर अपनी बात रखें।
मैथिली ठाकुर ने कहा, “बहुत सारे लोग चाहते हैं कि मैं आरक्षण पर खुल कर बोलूं। आज हर घर में आरक्षण को लेकर चर्चाएं हो रहीं हैं, और मैं बहुत क्लियर और सिंपल सोचती हूं। हम सभी भारत के युवा, भारत के यूथ, भारत के जेन-जी एक साथ खड़े हैं और मुझे नहीं लगता कि हम सभी युवा किसी भी तरीके से ऐसा चाहेंगे कि हमारे सरनेम को लेकर हमारे साथ अलग व्यवहार किया जाए।”
यह बयान जाति या सरनेम के आधार पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ उनकी मुखर आवाज को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से ऐसे किसी भी विभाजनकारी रवैये को अस्वीकार करने का आग्रह किया है।
‘विकसित भारत 2047’ के लिए युवा भागीदारी
भाजपा विधायक ने अपनी अपील में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को केंद्रीय बिंदु बनाया। उन्होंने जोर दिया कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा शक्ति की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। मैथिली ठाकुर का मानना है कि युवा पीढ़ी को जातिगत या उपनाम आधारित पहचान से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब बिहार सहित कई राज्यों में आरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर चर्चा चल रही है। मैथिली ठाकुर का यह आह्वान युवाओं को एक सकारात्मक दिशा देने और उन्हें राष्ट्रीय विकास के एजेंडे से जोड़ने का प्रयास है।







