Bihar Amarkant Kumar: बिहार के जाले जिले के लिए गौरव का क्षण है। जिले के जाने-माने गीत-नवगीतकार और साहित्यकार डॉ. अमरकान्त कुमर को प्रतिष्ठित ‘पंडित दामोदर दास चतुर्वेदी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ग्वालियर के नव निर्मित सिग्नेचर टाउनशिप में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
ग्वालियर में वैश्विक पत्रिका ‘प्रज्ञान विश्वम्’ के विमोचन समारोह के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस गरिमामय अवसर पर डॉ. कुमर को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। वे एमएलएसएम कॉलेज के हिंदी विभाग के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर और अध्यक्ष भी रहे हैं।
समारोह में डॉ. अमरकान्त कुमर ने अपनी रचनाओं का काव्यपाठ किया, जिसने उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्हें सम्मान-पत्र, माला और चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों के साथ-साथ नीदरलैंड और जर्मनी जैसे कई देशों से आए साहित्यकारों और कवियों ने भाग लिया। समारोह में उद्योगपति सोहनलाल खंडेलवाल और ग्वालियर चैंबर ऑफ कॉमर्स के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। डॉ. कुमर मूल रूप से रतनपुर गांव के निवासी हैं।
डॉ. अमरकान्त कुमर को यह सम्मान मिलने पर उनके पैतृक गांव रतनपुर सहित पूरे जाले जिले के साहित्यप्रेमियों और शुभचिंतकों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है, जिससे जिले का मान बढ़ा है।






