Darbhanga Liquor Mafia News: दरभंगा जिले के बेनीपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बहेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर आरोपी को छुड़ाने वाले मुख्य शराब कारोबारी अवध सदा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को करीब दो महीने बाद सफलता मिली है। पुलिस ने शुक्रवार रात गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवध सदा को दबोच लिया, जिसे शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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Darbhanga Liquor Mafia News: पुलिस पर हमले का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 18 अप्रैल को घटित हुई थी। मद्य निषेध थाने को गुप्त सूचना मिली थी कि धरौंडा मुसहरी इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध देसी शराब का कारोबार चल रहा है। इस सूचना के बाद मद्य निषेध थाने के इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र के निर्देश पर एएसआई सतीश कुमार एक टीम के साथ मौके पर छापेमारी करने पहुंचे। पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में देसी शराब बरामद की और मुख्य शराब कारोबारी अवध सदा को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
जैसे ही अवध सदा की गिरफ्तारी की खबर फैली, इलाके के असामाजिक तत्व और महिलाएं लाठी-डंडे व पत्थरों से लैस होकर बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। उग्र भीड़ ने अचानक पुलिस टीम पर चौतरफा हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने पुलिस की गिरफ्त से शराब कारोबारी अवध सदा को बलपूर्वक छुड़ा लिया और पुलिस द्वारा जब्त की गई शराब भी लूटकर फरार हो गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। यह मामला पूरे बिहार क्राइम न्यूज़ में काफी चर्चा में रहा था।
हिंसक झड़प और पुलिसकर्मियों को आई चोटें
इस अचानक हुए सुनियोजित हमले और रोड़ेबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। आरक्षी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र को गंभीर चोटें आई थीं, जबकि सहायक आरक्षी निरीक्षक सतीश कुमार भी आंशिक रूप से चोटिल हुए थे। इसके अलावा, पुलिस बल के दीपक कुमार और मनीष कुमार को भी उग्र भीड़ के हमले और रोड़ेबाजी में चोटें आईं। महिला सिपाही छोटी कुमारी और शांभवी रानी भी इस झड़प के दौरान चोटिल हुई थीं। पुलिस टीम पर यह हमला बेहद क्रूर और हिंसक था, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
घटना के बाद, आरक्षी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र के लिखित आवेदन पर बहेड़ा थाने में कांड संख्या 217/26 दर्ज की गई थी। इस प्राथमिकी में मुख्य आरोपी अवध सदा, उसके पुत्र रमन जी सदा, पत्नी आभूषी देवी सहित 4-5 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। तभी से पुलिस इन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे, अन्य की तलाश तेज
घटना के बाद से ही सभी नामजद आरोपी पुलिसिया कार्रवाई के डर से अपना घर छोड़कर फरार चल रहे थे। बहेड़ा पुलिस लगातार इनके संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए थी और लगातार छापेमारी कर रही थी। अंततः शुक्रवार रात को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य नामजद अभियुक्त अवध सदा को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। शनिवार को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बहेड़ा के थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कांड में शामिल अवध सदा का बेटा, उसकी पत्नी और अन्य सह-आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द बाकी बचे सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इस गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी राहत मिली है और उम्मीद है कि इस मामले में कई और खुलासे होंगे।
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