Darbhanga News: दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मियों के लिए दो दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आगाज हो गया है। 02 अगस्त 2026 को शुरू हुए इस ‘खेल महाकुंभ’ में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे परिसर में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ। स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद के तत्वावधान में आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी सामंजस्य को बढ़ावा देना है।
कुलपति का संदेश और आयोजकों का उत्साह
विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने दूरभाष के माध्यम से सभी प्रतिभागियों और आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,






“इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मियों के मध्य आपसी सामंजस्य एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देती हैं तथा विश्वविद्यालय परिवार में नवीन उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करती हैं।”
स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद की अध्यक्ष डॉ. प्रियंका राय ने कुलपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह आयोजन विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया है। उन्होंने कहा कि यह दो दिवसीय खेल सम्मेलन कुलपति के ‘खेलेगा बिहार, खिलेगा बिहार’ के आदर्श पर आधारित है, जिससे विश्वविद्यालय परिवार में नई ऊर्जा भर गई है। डॉ. राय ने कुलपति के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को प्रतियोगिताओं की सफलता का श्रेय दिया।
पहले दिन की स्पर्धाओं में कौन-कौन बने विजेता?
प्रतियोगिता के पहले दिन, 02 अगस्त 2026 को विभिन्न खेल स्पर्धाओं का उत्साहपूर्ण आयोजन हुआ। 100 मीटर दौड़, शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में प्रतिभागियों ने अपना दमखम दिखाया। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
- 100 मीटर दौड़ (महिला वर्ग):
- प्रथम: डॉ. सुमनदीप कौर (स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग)
- द्वितीय: डॉ. लक्ष्मी कुमारी (स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग)
- तृतीय: काजल कुमारी (डब्ल्यू.ई.टी.)
- 100 मीटर दौड़ (महिला वर्ग, 50 वर्ष से अधिक आयु):
- प्रथम: डॉ. रश्मि शिखा (स्नातकोत्तर भूगोल विभाग)
- 100 मीटर दौड़ (पुरुष वर्ग, गैर-शिक्षक कर्मी):
- प्रथम: रोहित कुमार (स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग)
- द्वितीय: दीपक राम (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- तृतीय: श्रीराम झा (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- 100 मीटर दौड़ (पुरुष वर्ग, शिक्षक):
- प्रथम: विपुल कुमार (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- द्वितीय: डॉ. अतानु बनर्जी (स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग)
- तृतीय: डॉ. संजीव कुमार साह (स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग)
- 100 मीटर दौड़ (पुरुष वर्ग, 50 वर्ष से अधिक आयु):
- प्रथम: डॉ. अनुरंजन (स्नातकोत्तर भूगोल विभाग)
- द्वितीय: प्रदीप कुमार (पी०जी० एथलेटिक्स)
- तृतीय: डॉ. अनिल कुमार चौधरी (स्नातकोत्तर इतिहास विभाग)
- शॉट पुट (महिला वर्ग):
- प्रथम: डॉ. लक्ष्मी कुमारी (स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग)
- द्वितीय: डॉ. काजल कुमारी (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- तृतीय: डॉ. सुमनदीप कौर (स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग)
- शॉट पुट (महिला वर्ग, 50 वर्ष से अधिक आयु):
- प्रथम: डॉ. रश्मि शिखा (स्नातकोत्तर भूगोल विभाग)
- शॉट पुट (पुरुष वर्ग):
- प्रथम: विपुल कुमार (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- द्वितीय: गौतम सिंह (नियुक्ति कोषांग)
- तृतीय: विपिन सिंह (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- शॉट पुट (पुरुष वर्ग, 50 वर्ष से अधिक आयु):
- प्रथम: डॉ. अनुरंजन (स्नातकोत्तर भूगोल विभाग)
- द्वितीय: डॉ. राजीव कुमार (स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग)
- तृतीय (संयुक्त): डॉ. अनिल कुमार चौधरी (स्नातकोत्तर इतिहास विभाग) एवं प्रदीप कुमार (पी०जी० एथलेटिक्स)
- डिस्कस थ्रो (पुरुष वर्ग):
- प्रथम: गौतम सिंह (नियुक्ति कोषांग)
- द्वितीय: विपुल कुमार (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- तृतीय: दीपक राम (डॉ॰ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी)
- डिस्कस थ्रो (पुरुष वर्ग, 50 वर्ष से अधिक आयु):
- प्रथम: डॉ. राजीव कुमार (स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग)
- द्वितीय: डॉ. अनिल कुमार चौधरी (स्नातकोत्तर इतिहास विभाग)
- तृतीय: डॉ. अनुरंजन (स्नातकोत्तर भूगोल विभाग)
कल होगा बैडमिंटन फाइनल और अन्य रोमांचक मुकाबले
नॉकआउट आधार पर आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता में डॉ. सैयद मोहम्मद जमाल अशरफ (कुलपति सचिवालय) और गौतम सिंह (नियुक्ति कोषांग) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई है। दोनों खिलाड़ियों ने लगातार तीन-तीन मैच जीतकर फाइनल तक का सफर तय किया। इनका अंतिम मुकाबला कल, 03 अगस्त 2026 को डॉ॰ नागेन्द्र झा स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके अलावा, कल टग ऑफ वॉर और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने इन प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में भाग लिया, जो खेल के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है। आयोजकों को उम्मीद है कि कुलपति महोदय के सतत मार्गदर्शन से शेष प्रतियोगिताएं भी सफलतापूर्वक संपन्न होंगी और विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस का यह उत्सव यादगार बनेगा।








