Bihar Sunny Deol: बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल रविवार को अपनी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के सिलसिले में पहली बार पटना पहुंचे। उनके साथ उनके बेटे और फिल्म के सह-कलाकार करण देओल भी मौजूद थे।







अपने लंबे फिल्मी करियर में पहली बार बिहार आए सनी देओल ने मीडिया से बातचीत में राज्य से अपने खास जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले कभी बिहार आने का अवसर नहीं मिला, लेकिन यह एक नई शुरुआत है। सनी देओल ने वादा किया, ‘अब मैं यहां बार-बार आऊंगा। अपनी अगली फिल्मों के प्रचार के लिए भी बिहार जरूर आऊंगा।’

‘सम्राट अशोक’ पर फिल्म बनाने का सपना: बड़े बजट और बेटों को कास्ट करने की बात
बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा करते हुए सनी देओल ने कहा कि बिहार से जुड़ी कई कहानियाँ उनके दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने बताया कि महान सम्राट अशोक पर आधारित एक फिल्म बनाने की उनकी लंबे समय से इच्छा रही है। सनी देओल ने जानकारी दी कि निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और राजकुमार संतोषी उन्हें इस विषय की कहानी सुना चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘अशोका’ जैसे विषय पर एक बड़ी फिल्म बनाने के लिए भारी बजट की आवश्यकता होती है।
सनी देओल ने कहा, ‘गदर 2 के बाद हालात काफी बेहतर हुए हैं। उम्मीद है कि ‘बंटवारा 1947′ के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम कर सकूंगा। यह इतना शानदार विषय है कि इसमें मैं अपने दोनों बेटों को भी कास्ट कर सकता हूं।’
‘बंटवारा 1947’: सिर्फ विभाजन नहीं, इंसानियत और मां के सम्मान की कहानी
अपनी नई फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के बारे में बताते हुए सनी देओल ने कहा कि यह सिर्फ देश के विभाजन की कहानी नहीं है। उन्होंने समझाया कि यह उन परिवारों की कहानी है, जिनकी जिंदगी पर विभाजन का गहरा असर पड़ा। फिल्म इंसानियत और एक माँ के सम्मान का सशक्त संदेश देती है।

सनी ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, ‘मेरे दादा-दादी और बीजी ने विभाजन का दर्द झेला था। बचपन में संयुक्त परिवार में बैठकर मैंने उस दौर की कहानियाँ और लोगों की पीड़ा सुनी है। लेकिन उस कठिन समय में भी इंसानियत जिंदा थी और लोग एक-दूसरे की मदद करते थे।’
पहली बार पटना में पिता-पुत्र एक साथ, राजकुमार संतोषी से पुराना रिश्ता
पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान सनी देओल और करण देओल पहली बार एक साथ मंच पर नजर आए। करण देओल ने अपने पिता के साथ स्क्रीन साझा करने को बेहद खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा, ‘पापा के साथ काम करके मेरी जिंदगी बन गई। आखिर अपने पिता के साथ काम करना कौन नहीं चाहेगा?’ सनी देओल ने निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ अपनी पुरानी साझेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे हमेशा ऐसी कहानियाँ चुनते हैं, जिनमें एक आम आदमी अपने हक, अपने परिवार और अपने सम्मान के लिए संघर्ष करता है। यही वजह है कि उनकी फिल्मों से दर्शक खुद को आसानी से जोड़ पाते हैं।
सनी देओल के इस दौरे से बिहार के दर्शकों में उनकी आगामी फिल्मों और विशेष रूप से ‘सम्राट अशोक’ पर बनने वाली फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी बिहार से जुड़ी यह महत्वाकांक्षा कब साकार होती है।









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