Bihar Sugar Mill: दरभंगा और मधुबनी जिले के किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। रैयाम और सकरी प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता हासिल करने का किसानों के पास सुनहरा मौका है। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया है कि इन समितियों में शामिल होने के लिए विशेष कैंपों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसान आसानी से सदस्यता और शेयर शुल्क जमा कर सकें।
चीनी मिल सदस्यता के लिए विशेष कैंप का पूरा शेड्यूल
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, 18 सितंबर 2026 से 22 सितंबर 2026 तक दरभंगा जिले के कुल 12 प्रखंडों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में ऑनलाइन पंजीकृत किसान अपनी सदस्यता और शेयर शुल्क की राशि जमा करके समिति के सदस्य बन सकते हैं। कैंपों का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
| कैंप की तारीखें | प्रखंड कार्यालय |
|---|---|
| 18 एवं 19 सितंबर | अलीनगर, बेनीपुर, बहेड़ी, घनश्यामपुर, किरतपुर |
| 21 एवं 22 सितंबर | बिरौल, तारडीह, हायाघाट, हनुमाननगर, गौड़ाबौराम, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी |
यह पहल किसानों को सीधे तौर पर सहकारी चीनी मिलों से जुड़ने और उनके विकास में भागीदार बनने का अवसर देगी।
अब तक कितने किसान हुए पंजीकृत? जानिए आंकड़े और अपील
जिला सहकारिता पदाधिकारी के अनुसार, अब तक रैयाम चीनी मिल के लिए 12,336 किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 180 किसानों ने सदस्यता और शेयर शुल्क जमा कर दिया है। इसी तरह, सकरी चीनी मिल के लिए 15,931 किसानों का ऑनलाइन निबंधन हुआ है और 231 किसानों ने अपनी राशि जमा कर दी है। रैयाम और सकरी प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड का जल्द ही पंजीकरण कराया जाना प्रस्तावित है।
सभी ऑनलाइन निबंधित किसान बंधुओं से आग्रह है कि वे निर्धारित कैंप में उपस्थित होकर सदस्यता एवं शेयर शुल्क की राशि जमा कर समिति की सदस्यता प्राप्त करें। साथ ही, अपने-अपने प्रखंड के प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से संपर्क कर आवेदन के सत्यापन एवं आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने किसानों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि उनकी सहभागिता से रैयाम और सकरी प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड के गठन और निबंधन की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो पाएगी।
इन विशेष कैंपों का उद्देश्य किसानों को सहकारी चीनी मिलों का अभिन्न अंग बनाना है, जिससे वे न केवल उत्पादन में बल्कि प्रबंधन और लाभ में भी हिस्सेदार बन सकें। किसानों की यह भागीदारी क्षेत्र में चीनी उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







