Madhubani Smuggling: भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय तस्करों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में मधुबनी के सीमावर्ती क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। खौना निवासी राजा व्यार को नेपाली प्रहरी ने 13 लाख नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब सुरक्षा एजेंसियां कुख्यात महिला तस्कर हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ की गिरफ्तारी के बाद से ही तस्करी सिंडिकेट पर शिकंजा कस रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस ताजा गिरफ्तारी को ‘चाची सिंडिकेट’ से जोड़कर गहन जांच कर रही हैं। राजा व्यार पर आरोप है कि वह दवा कारोबार की आड़ में भारत-नेपाल के बीच अवैध व्यापार चला रहा था।
दवा कारोबार की आड़ में नशीली दवाओं का धंधा
जांच में सामने आया है कि राजा व्यार का नेटवर्क सिर्फ अवैध मुद्रा तक सीमित नहीं था। वह नशीली दवाओं की बिक्री से भी जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राजा कई दशकों से नेपाली मुद्रा की अवैध अदला-बदली के कारोबार में सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद जगी है।
‘राजा व्यार दशकों से नेपाली मुद्रा की अवैध अदला-बदली के कारोबार में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।’
चाची सिंडिकेट से कनेक्शन की आशंका
सुरक्षा एजेंसियां अब राजा व्यार के विस्तृत नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही है कि उसके संबंध ‘चाची’ के परिवार से जुड़े राजीव महासेठ के अवैध कारोबार से भी हैं। ‘चाची’ की गिरफ्तारी के बाद से ही सुरक्षा बल इस पूरे तस्करी सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में लगे हैं। राजा व्यार की गिरफ्तारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सीमा पार तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
इस गिरफ्तारी के बाद से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अन्य तस्करों में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इन संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय इस बड़े तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।






