Darbhanga Protest: नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में दरभंगा में एक शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठा। प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस और आम लोगों पर जमकर पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक घायल हो गए। शांति पूर्ण प्रदर्शन होने के बावजूद अनुमान लगाया जा रहा है, बाहरी तत्व भीड़ में घुसकर उपद्रव फैलाया है।







पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य उपद्रवियों की तलाश में छापेमारी जारी है।अब तक 30 से 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिसे लहेरियासराय थाना पर रखा जा रहा है।

यह घटना उस समय हुई जब समाहरणालय गेट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बाद छात्र वापस लौट रहे थे। लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक पर पहुंचते ही कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस बल को देखते ही रोड़ेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


दरभंगा में उग्र प्रदर्शन के बाद हाई अलर्ट पर प्रशासन
हिंसक झड़प की सूचना मिलते ही मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार, एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी, सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी, ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी, सदर एसडीओ कुमार गौरव, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार और लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित दंगा नियंत्रण बल व कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों की मौजूदगी में हालात को काबू करने के प्रयास तेज किए गए।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया, “फिलहाल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और आयोजकों पर कार्रवाई की जाएगी। जो भी लोग रोड़ेबाजी सहित घटनाओं में शामिल होंगे, उन सभी पर कठोर कार्रवाई होगी। सीसीटीवी फुटेज और फोटो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। किसी भी हाल में किसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो।”
लोहिया चौक बना रणक्षेत्र, DIG ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शनकारियों के उग्र होने और पथराव के बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। देखते ही देखते लोहिया चौक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। यह अफरा-तफरी बाकरगंज होते हुए दारू भट्टी चौक तक फैल गई। मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी ने खुद मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने- बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें खदेड़ना पड़ा। इस दौरान कई पत्रकार भी घायल हुए हैं।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की सुबह ही लहेरियासराय पुलिस लाइन में डीआईजी ने दंगा नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया था, और कुछ ही घंटों बाद उन्हें वास्तविक स्थिति का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के आयोजक भीड़ को नियंत्रित रखने में सफल नहीं रहे, ऐसे आयोजकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति शांत और नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।











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