Darbhanga News: लगातार हो रही बारिश ने दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में ग्रामीण सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कें कई जगहों पर घुटने तक पानी में डूब गई हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस जलजमाव के कारण सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कई स्थानों पर कालीकरण की परत उखड़ने लगी है।







ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत से राढ़ी दक्षिणी, राढ़ी उत्तरी होते हुए ढ़ढ़िया-बेलवारा पंचायत के मिल्की गांव तक जाने वाली महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर कई जगह पानी भर गया है। ऑटो, बाइक, साइकिल सवारों और पैदल चलने वालों के लिए इस रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। सबसे बुरी स्थिति राढ़ी दक्षिणी पंचायत के बिहारी और नरौछ गांव में देखने को मिल रही है, जहां सड़कों पर पानी का कब्जा है।
दरभंगा में आफत बनी ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क’, घुटने तक पानी में डूबे गांव, बच्चों की पढ़ाई भी रुकी
Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है। कई पंचायतों की मुख्य सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों का आवागमन ठप पड़ गया है। सड़कों पर घुटने तक पानी जमा होने के कारण ऑटो, बाइक, साइकिल और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत से राढ़ी दक्षिणी, राढ़ी उत्तरी होते हुए ढ़ढ़िया-बेलवारा पंचायत के मिल्की गांव तक जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की है। राढ़ी दक्षिणी पंचायत के बिहारी और नरौछ गांव में जलजमाव के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई पर संकट
सड़क पर पानी भरने से विद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। गंदे पानी और संक्रमण के डर से कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। लगातार जलभराव के कारण सड़क की गुणवत्ता पर भी बुरा असर दिख रहा है, कई जगहों पर कालीकरण की परत उखड़ने लगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और नालों का सड़क से ऊंचा होने के कारण पानी जमा हो रहा है। बिहारी गांव में बने दर्जनों स्पीड ब्रेकर भी पानी की निकासी में बाधा डाल रहे हैं, जिसके चलते बारिश का पानी सड़क पर ही ठहर जाता है और सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है।
कीचड़ से फिसलने का खतरा बढ़ा
राढ़ी उत्तरी पंचायत के जहांगीर टोला स्थित खजुरवाड़ा मोड़ पर भी भारी जलजमाव बना हुआ है। वहीं, खजुरवाड़ा गांव में बारिश के दौरान सड़क किनारे के घरों से मिट्टी बहकर सड़क पर फैल गई है, जिससे चारों ओर कीचड़ पसरा है। इससे विशेषकर बाइक चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हर बारिश में सड़कें टूटती रहेंगी और जनता का पैसा यूं ही बर्बाद होता रहेगा। ग्रामीणों ने पूरी सड़क का पीसीसी (पोर्टलैंड सीमेंट कंक्रीट) निर्माण कराने की भी जोरदार मांग उठाई है, ताकि यह समस्या स्थायी रूप से खत्म हो सके।
यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी इसका गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर त्वरित और स्थायी समाधान निकालना होगा, ताकि ग्रामीणों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर गहरा असर, स्कूल जाना हुआ मुश्किल
सड़क पर बने जलजमाव का सबसे अधिक खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालय जाने वाले बच्चों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। अभिभावक गंदे पानी और संक्रमण के डर से अपने बच्चों को स्कूल भेजने से बच रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
जल निकासी की अव्यवस्था और टूटने लगी सड़कें
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव का मुख्य कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था का न होना है। कहीं नाले सड़क से ऊँचे बनाए गए हैं तो कहीं निकासी का कोई मार्ग ही नहीं है। बिहारी गांव में बने दर्जनों स्पीड ब्रेकर भी पानी के बहाव को रोक देते हैं, जिससे बारिश का पानी सड़क पर ही जमा रहता है। लगातार पानी में डूबे रहने के कारण सड़कों की कालीकरण की परत तेजी से उखड़ रही है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
राढ़ी उत्तरी पंचायत के जहांगीर टोला स्थित खजुरवाड़ा मोड़ पर भी भारी जलजमाव की समस्या है। वहीं, खजुरवाड़ा गांव में बारिश के दौरान घरों से बहकर आई मिट्टी सड़क पर फैल गई है, जिससे कीचड़ हो गया है। इस कीचड़ के कारण बाइक चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हर बारिश में सड़कें टूटती रहेंगी और जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद होती रहेगी। उन्होंने पूरी सड़क का पीसीसी निर्माण कराने की भी जोरदार मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़कों का पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) निर्माण नहीं होता, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। यह स्थिति न केवल आवागमन को बाधित कर रही है, बल्कि बच्चों के भविष्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और स्थायी समाधान खोजना चाहिए।









You must be logged in to post a comment.