Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले में शनिवार अलसुबह दरभंगा-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय उच्च पथ 27 (NH-27) पर कंसी के पास सरसों तेल से लदे एक ट्रक में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते ट्रक और उसमें भरा लाखों का सरसों तेल जलकर राख हो गया। यह कंसी-सिमरी के बीच कुछ ही दिनों के अंतराल पर चलती गाड़ियों में आग लगने की चौथी घटना है, जिसने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा, शॉर्ट सर्किट से लगी आग
सिमरी थाना क्षेत्र के कंसी ईंट भट्ठा के पास हुई यह दुर्घटना सुबह-सुबह हुई। ट्रक चालक संजय कुमार, जो राजस्थान के चुरू जिले के हरिमवास थाना क्षेत्र के माधऊ गांव के निवासी हैं, बताया कि वे 2360 कार्टन सरसों तेल लेकर राजस्थान से पूर्णिया जा रहे थे। कंसी चौक स्थित पुल के पास पीछे से आ रहे एक वाहन ने गलत तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी प्रयास में उनका ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक बाइक से टकरा गया।






“ट्रक पर 2360 कार्टन सरसों तेल लेकर राजस्थान से पूर्णिया जा रहा था। इसी दौरान सिमरी थाना क्षेत्र के कंसी चौक स्थित पुल के पास पीछे से आ रहे एक वाहन द्वारा गलत तरीके से ओवरटेक करने के प्रयास में उनका ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी एक एक बाइक से टकरा गया। टक्कर के बाद ट्रक में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई।”
टक्कर के तुरंत बाद ट्रक में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। जब तक लोग बचाने आते, आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। चालक और खलासी ने कूदकर अपनी जान बचाई।
लाखों का माल खाक, NH-27 पर सुरक्षा पर सवाल
इस भीषण आग में ट्रक पर लदा सारा सरसों तेल, चालक का मोबाइल फोन और सभी आवश्यक कागजात जलकर राख हो गए। सूचना मिलने पर दरभंगा से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक सब कुछ जल चुका था। कंसी-सिमरी के बीच यह लगातार चौथी घटना है, जब चलती गाड़ी में आग लगी है। यह आंकड़ा इस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सुरक्षा और सड़क नियमों के पालन पर चिंताजनक सवाल खड़े करता है, खासकर दरभंगा जिले से गुजरने वाले मार्ग पर।
स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग को इस मार्ग पर लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। वाहनों की उचित जांच और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे जानमाल के नुकसान से बचा जा सके और NH-27 पर यात्रियों और मालवाहकों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।








