Darbhanga Moharram Violence: बिहार के दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र स्थित बरिऔल चौक पर मोहर्रम के बाद हुई हिंसक झड़प में कम से कम 7 लोग घायल हो गए हैं। ताजिया विसर्जन और पहलाम के बाद शनिवार देर रात उपद्रवियों ने कई घरों, दुकानों और मंदिर परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर लगातार कैंप किया जा रहा है।
देर रात कुछ लोगों ने बरिऔल चौक और उसके आसपास के इलाकों में उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने मंदिर की चाहरदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया और दुकानों के शीशे तोड़ डाले। इतना ही नहीं, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। कई मकानों की एस्बेस्टस (चादर) भी तोड़ दी गईं। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों के साथ मारपीट भी की गई।






पुलिस ने संभाला मोर्चा, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और लगातार निगरानी के लिए पुलिस कैंप स्थापित किया गया है। रविवार को सिटी एसपी अशोक चौधरी, सदर-2 एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन, पुलिस इंस्पेक्टर रामेश्वर साफी और कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त मकानों, दुकानों और अन्य स्थलों का जायजा लेकर स्थानीय लोगों से जानकारी हासिल की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
4 साल पुराने प्रेम विवाह विवाद से जुड़ रहे तार
सदर-2 एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि शुरुआती जांच में इस हिंसा के तार करीब चार साल पहले हुए एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह से जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस के अनुसार, संबंधित युवक मोहर्रम के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा था, जहां कुछ लोगों से उसकी कहासुनी और हाथापाई हुई। इसके बाद कुछ लोग उस युवक को खोजते हुए उसके गांव पहुंच गए, जिसके बाद ही उपद्रव और तोड़फोड़ की घटना हुई। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पर्याप्त सबूत जुटाए बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा।
छह आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
इस घटना में घायल हुए 6 से 7 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जाले रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। बरिऔल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती जारी है और प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
बरिऔल की रात ने कुछ देर के लिए डर और तनाव का माहौल जरूर बनाया, लेकिन कानून की सख्ती ने उपद्रवियों के इरादों पर जल्द ही विराम लगा दिया। दरभंगा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लगातार कैंपिंग और एक के बाद एक गिरफ्तारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून से ऊपर कोई नहीं। अब चुनौती केवल दोषियों को सजा दिलाने की नहीं, बल्कि बरिऔल की सामाजिक एकता और आपसी विश्वास को फिर से मजबूत करने की भी है। प्रशासन का कहना है कि हर दोषी को कानून के दायरे में लाया जाएगा और दरभंगा की धरती पर शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से नाकाम किया जाएगा।








