Darbhanga Police: आधी रात को दरभंगा में ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी की अचानक दबिश से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शुक्रवार देर रात उन्होंने सिंहवाड़ा, जाले और कमतौल थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ड्यूटी पर वर्दी के बजाय सादे लिबास में मिले, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण एसपी ने सरकारी मोबाइल फोन नहीं उठाने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया और सख्त निर्देश जारी किए। अब सबकी निगाहें सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
ड्यूटी पर बिना वर्दी थानाध्यक्ष, महकमे में हलचल
ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी जब सिंहवाड़ा थाना पहुंचीं, तो थानाध्यक्ष वसंत कुमार को ड्यूटी के समय सादे कपड़ों में देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। यह मामला पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है,
क्योंकि किसी भी पुलिस पदाधिकारी से ड्यूटी के दौरान अपेक्षित अनुशासन और वर्दी में रहना अनिवार्य होता है। हालांकि, इस मामले में ग्रामीण एसपी की ओर से तत्काल किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
सरकारी मोबाइल पर शिकायत, एसपी की सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान ग्रामीण एसपी के सामने सरकारी मोबाइल फोन नहीं उठाने की शिकायतें भी आईं। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को दो टूक कहा कि सरकारी मोबाइल आम लोगों के लिए पुलिस तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
फोन न उठने से लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने में परेशानी होती है। उन्होंने सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी नंबर पर आने वाली सभी कॉल को रिसीव करना सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
यह औचक निरीक्षण केवल थाना परिसर तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीण एसपी ने रात्रि गश्ती, ओडी ड्यूटी, हाजत की सुरक्षा व्यवस्था और थाना परिसर की समग्र व्यवस्थाओं की भी गहन जांच की। उन्होंने संवेदनशील इलाकों और मुख्य सड़कों पर प्रभावी रात्रि गश्ती सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए।
जाले-कमतौल को भी मिला सख्त संदेश, पुराना मामला फिर ताजा
जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल और कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को भी ग्रामीण एसपी ने सख्त संदेश दिया। उन्हें अपने क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बनाए रखने, आम लोगों के साथ संपर्क में रहने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और पुलिस-पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
ड्यूटी के दौरान थानाध्यक्ष के सादे लिबास में मिलने का यह पहला मामला नहीं है। 25 जुलाई 2025 को तत्कालीन एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के पटर थाना निरीक्षण के दौरान भी तत्कालीन थानाध्यक्ष शिवनारायण कुमार सादे लिबास में पाए गए थे। उस समय थाना की कुछ पंजी में अनियमितता मिलने के बाद तत्कालीन एसएसपी ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था।
अब सिंहवाड़ा में ग्रामीण एसपी के औचक निरीक्षण के दौरान हुई इस घटना से वह पुराना मामला एक बार फिर ताजा हो गया है। फिलहाल, सभी की निगाहें ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी के अगले कदम पर हैं कि क्या सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष को सिर्फ हिदायत मिलेगी या उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।








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