
दिव्यांग सशक्तिकरण: बिरौल में एक ऐसा कार्यक्रम हुआ जिसने दिव्यांगों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। बिहार पैरालंपिक के अध्यक्ष डॉ. शिवाजी कुमार का भव्य स्वागत किया गया, जहां उन्होंने शिक्षा और प्रेरणा के संगम की सराहना की। इस आयोजन ने बताया कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति हर बाधा को पार कर सकती है।
बिरौल। प्रखंड बिरौल के सुपौल बाजार डुमरी रोड स्थित गुरुकुल लाइब्रेरी हॉल में हाल ही में दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं तथा दिव्यांगजनों ने भाग लिया। गुरुकुल के संस्थापक नटवर चौधरी और उनके पिताजी राम शंकर चौधरी ने बिहार पैरालंपिक के अध्यक्ष और व्हीलचेयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शिवाजी कुमार का मिथिला पाग, चादर और गुलदस्ता भेंट कर भव्य स्वागत किया।
डॉ. शिवाजी कुमार का बिरौल में भव्य स्वागत
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. शिवाजी कुमार ने केशव चौधरी के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ‘दिव्यांग होने के बावजूद शिक्षा और खेल जगत में केशव चौधरी द्वारा पूरे अनुमंडल क्षेत्र के लिए किया गया कार्य अत्यंत अनुकरणीय है। यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। उनके प्रयासों से मैं काफी प्रसन्न हूं और भावुक भी होता हूं। आने वाले दिनों में मैं उन्हें दिव्यांगों के लिए एक नई जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रहा हूं।’ उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बिरौल के प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
दिव्यांग सशक्तिकरण: शिक्षा और प्रेरणा का संगम
भाजपा दरभंगा जिला के महामंत्री श्री संजय कुमार सिंह और पप्पू सिंह ने भी डॉ. शिवाजी कुमार का बिरौल की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने केशव चौधरी की सराहना करते हुए कहा कि ‘जब केशव चौधरी खेलते हैं तो ऐसा नहीं लगता कि वे दिव्यांग हैं, बल्कि वे स्वस्थ खिलाड़ियों से भी अधिक फिट और ऊर्जावान दिखाई देते हैं।’ राज्यसभा सांसद के अनुमंडल प्रतिनिधि सह जदयू दरभंगा के उपाध्यक्ष संजीव कुमार झा ने डॉ. शिवाजी कुमार को समाज के लिए प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बताया और केशव चौधरी जैसे युवा पर गर्व व्यक्त किया।
ग्रामीण शिक्षा को नई दिशा
प्रथम हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. राजेश झा ने गुरुकुल लाइब्रेरी जैसे प्रयासों को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की मजबूत नींव रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से आने वाली पीढ़ी को सही दिशा और बेहतर अवसर मिलेंगे। क्रीड़ा भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. शिवाजी कुमार के प्रयासों से हजारों दिव्यांगों को नई पहचान और रोजगार मिला है, और वे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं। श्री कृष्ण आइडियल पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर नवलेश चौधरी ने भी कहा कि केशव चौधरी की यह पहल ग्रामीण शिक्षा को नई दिशा दे रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. केशव कुमार चौधरी द्वारा किया गया। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बना, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा और दिव्यांग सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। कार्यक्रम में विकास कुमार चौधरी, सरपंच शंभू चौधरी, रवि प्रकाश, विभिन्न जिले के दिव्यांग पदाधिकारी, अर्जुन कुमार कुशवाहा, सुशील कुमार, लालू तुरहा, प्रदीप प्रधान, रामविलास भारती सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं दिव्यांगजन उपस्थित रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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