Jale Indra Puja Mela: मधुबनी जिले के जाले प्रखंड अंतर्गत बंधौली पंचायत के धमाद गांव में लगने वाले ऐतिहासिक इंद्रपूजा मेला को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। रविवार को मेला स्थल पर आयोजित शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान विधि-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, साथ ही पूजा समिति के सदस्यों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई।
जाले इंद्रपूजा मेला: सीओ ने दर्शनार्थियों की सुविधा पर दिया जोर
बैठक की अध्यक्षता कर रही सीओ मधुमिता कुमारी ने कहा कि इंद्रपूजा आस्था और विश्वास का पर्व है। उन्होंने मेला में आने वाले दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सीओ ने पूजा समिति के सदस्यों को विशेष सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मेले का आनंद ले सकें।
“पूजा आस्था और विश्वास का पर्व है। मेला में आने वाले दर्शनार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो, इसके लिए पूजा समिति के सदस्यों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।”
थानाध्यक्ष की दो टूक चेतावनी: डीजे, शराब, जुआ पर होगी कार्रवाई
जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने शांति समिति की बैठक में विधि-व्यवस्था के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि मेला के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। थानाध्यक्ष ने कहा कि डीजे बजाने, शराब का सेवन या बिक्री, जुआ खेलने या किसी भी अन्य गैरकानूनी गतिविधि की शिकायत मिलने पर प्रशासन बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
“मेला के दौरान विधि-व्यवस्था पर कड़ी नजर रखना जरूरी है। डीजे, शराब, जुआ या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि की शिकायत मिलने पर पूजा समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।”
52 साल पुरानी परंपरा, शांतिपूर्ण आयोजन की चुनौती
मेला समिति के अध्यक्ष रामप्रताप चौपाल ने बताया कि धमाद में इंद्रपूजा मेला पिछले 52 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। यह स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक आयोजन है। इस वर्ष भी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मेले को संपन्न कराना प्रशासन और आयोजकों दोनों के लिए एक चुनौती है, जिसे मिलकर पूरा करने का संकल्प लिया गया है।
बैठक में सचिव मयाराम महतो, उपसचिव अजय कुमार पासवान, मेला प्रभारी नागेंद्र पासवान, कोषाध्यक्ष जयनारायण रजक समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। 52 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और मेला समिति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है। आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।







