दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। दरभंगा के खाजासराय में बंदरों के खौफ से परेशान मोहल्लावासियों की पीड़ा कोई नयी बात नहीं है। एक बच्चे को छत से बंदरों ने नीचे फेंककर मौत के घाट भी उतार चुका है। एक स्कूल में हालात यूं कर डाला कि अभिभावक पहुंच गए और उनकी सांसें अटक गई। और, अब ताजा यह है कि इन दिनों एक दर्जन से ज्यादा लोगों को काटकर बंदरों ने जख्मी कर दिया है। फिर से घाव के जख्म उभर गए हैं। ऐसे में, स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गुहार लगाई है। रितेश कुमार सिन्हा की रिपोेर्ट…
लहेरियासराय थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी खाजासराय के लोग इनदिनों बंदर के आतंक से डर के साये में जीने को विवश हैं। पिछले करीब 15 -20 दिनों से मुहल्ले में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। तीन छोटे एवं एक वयस्क बंदर ने इनदिनों इस मुहल्ले में डेरा जमा रखा है। वयस्क बंदर ने खासकर हर उम्र के लोगों को निशाना बनाया है। बच्चे, बूढ़े, जवान हर उम्र के लोगों को बंदर ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।






कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ा। ये उत्पाती बंदर घर मे घुसकर तोड़फोड़ मचाने के साथ साथ सामनो को लेकर भी भाग जाते हैं। यदि किसी ने विरोध किया तो उन्हें टारगेट कर उनपर हमला कर उन्हें जबतक घायल नही कर देते हैं तबतक जाते नही है।
बंदर के इस आतंक के कारण इस मुहल्ले के लोगों का दिन में भी घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों को स्कूल भेजने में लोग डरने लगे हैं। दिन में भी लोग घर के खिड़की दरवाज़े बंद रखने लगे हैं। घर से निकलते समय लोग हाथों में डंडा लेकर निकलते हैं।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से भी गुहार लगाई है। लोगों ने लिखित आवेदन भी दिया है। पर अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में लोग कबतक डर के साये में रहेंगे, इसका जवाब शायद किसी के पास नहीं है।
सोनी देवी ने बताया कि बंदरों ने मेरे बेटे को छत पर अकेले में घेर कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया है। हमलोग दिन में भी घर की खिड़की नही खोल पा रहे है। बंदरो द्वारा हमलोग के सामानों को भी काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय अमरनाथ झा ने बताया कि हमारे मुहल्ले में बंदरों ने 15 -20 दिनों उत्पात मचा रखा है। एक सप्ताह के अंदर करीब एक दर्जन लोगों को बंदरों ने अपना निशाना बनाकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। जिस कारण हमलोग दिन में अपने अपने घरों के दरवाज़े और खिड़कियों को बंद रखते है। बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है। हमलोग वन विभाग को आवेदन देकर बंदरो से निजात दिलाने के लिए गुहार लगाई है।








