Anand Bhadauria: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उस समय जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर शहर की सीमा के बाहर देखे गए। इन विवादित पोस्टरों को हटाने के लिए धौरहारा से समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया खुद सफेद कुर्ता-पायजामा और सिर पर गमछा लपेटे एक ऊंचे बिजली के खंभे पर चढ़ गए। उनके इस साहसिक कदम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
अखिलेश यादव पर विवादित टिप्पणी, भड़के सपा कार्यकर्ता
दरअसल, सीतापुर शहर की सीमा के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा कई स्थानों पर समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर ‘लाल टोपी, साइकिल निशान, यादववाद इनकी पहचान’ जैसे नारे लिखे गए थे। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के खिलाफ अन्य आपत्तिजनक बातें भी इन बैनरों पर लिखी गई थीं। इन पोस्टरों की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उनमें भारी रोष फैल गया।






“लाल टोपी, साइकिल निशान, यादववाद इनकी पहचान”
समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी की खबर मिलते ही सांसद आनंद भदौरिया भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने इन पोस्टरों को देखते ही इन्हें तत्काल हटाने की बात कही और स्वयं इसकी अगुवाई की।
सांसद आनंद भदौरिया ने खुद फाड़े पोस्टर, क्रेन भी बुलाई गई
सांसद आनंद भदौरिया ने बिना किसी देरी के खुद खंभे पर चढ़कर बैनर फाड़ दिए। उनके साथ समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष शिवम सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने भी कई अन्य स्थानों से ऐसे विवादित पोस्टर और बैनर हटाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और ऊंचे स्थानों पर लगे बैनरों को हटाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं की ओर से क्रेन भी मंगवाई गई, जिसकी मदद से बाकी पोस्टर हटाए गए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना को पार्टी की छवि धूमिल करने की एक बड़ी साजिश बताया और इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जांच और कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने आरोप लगाया है कि अज्ञात लोगों ने जानबूझकर पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि खराब करने के लिए इस तरह का निंदनीय कार्य किया है। उन्होंने इस मामले में सीतापुर के एसपी अंकुर अग्रवाल से मुलाकात की। सांसद ने एसपी से इस पूरे प्रकरण की गहन जांच करने, दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने सीतापुर की राजनीति में गहमागहमी बढ़ा दी है और सपा कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।








