Kamya Mishra: बिहार कैडर की तेजतर्रार पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कुछ समय पहले उनके अचानक दिए गए इस्तीफे ने पूरे पुलिस महकमे और सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। हाल ही में दिए गए एक बेबाक इंटरव्यू में पटना की सबसे कम उम्र की एएसपी रह चुकीं काम्या ने अपनी नौकरी छोड़ने की असली वजह दुनिया के सामने रखी है। उन्होंने उन सभी अफवाहों पर पूर्णविराम लगा दिया है जिनमें किसी तरह के राजनीतिक या विभागीय दबाव की बात कही जा रही थी। काम्या ने साफ किया है कि उन्होंने यह कड़ा फैसला सिर्फ और सिर्फ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए लिया है। अपने माता-पिता की इकलौती संतान होने के नाते अब वे अपने पिता के व्यवसाय में उनका हाथ बंटाएंगी।
राजनीति में एंट्री पर क्या बोलीं काम्या मिश्रा?
जब बात उनके भविष्य की योजनाओं और राजनीति में कदम रखने की आई तो काम्या का जवाब बेहद नपा-तुला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका राजनीति में उतरने का कोई भी इरादा नहीं है। हालांकि उन्होंने भविष्य में राजनीतिक मंच पर आने की संभावनाओं से पूरी तरह इनकार भी नहीं किया।






काम्या मिश्रा ने कहा, “मैं हमेशा से ‘जन-समर्थक’ और ‘राष्ट्र-समर्थक’ विचारधारा वाली रही हूं। अगर भविष्य में समाज की भलाई के लिए मुझे राजनीति में आना पड़ा तो मैं इस पर विचार कर सकती हूं।”
फिलहाल उनका पूरा ध्यान समाज सेवा और अपने नए सपनों पर है।
बिहार पुलिस को बताया महिलाओं के लिए बेहतरीन
अपने पुलिस करियर को याद करते हुए काम्या मिश्रा ने बिहार पुलिस की जमकर तारीफ की। पटना की सबसे कम उम्र की एएसपी बनने से लेकर दरभंगा में अपनी चुनौतीपूर्ण तैनाती तक, काम्या ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस महिलाओं के लिए एक शानदार और सहयोगी माहौल प्रदान करती है। बड़े और जोखिम भरे ऑपरेशनों में भी महिला अधिकारियों को पुरुषों के बराबर मौके दिए जाते हैं। अपने उस मशहूर ‘लाठीचार्ज’ वाले वायरल मीम पर भी उन्होंने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि उस वक्त उनका असल काम वीआईपी मूवमेंट के लिए रास्ता खाली करवाना और प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से उनके तय स्थान तक पहुंचाना था।
घास की अंगूठी से हुआ था प्रपोज, पटना में स्कूल का सपना
काम्या मिश्रा ने अपनी निजी जिंदगी के कुछ बेहद दिलचस्प किस्से भी साझा किए। उनके पति अवधेश दीक्षित भी एक आईपीएस अधिकारी हैं। इन दोनों की पहली मुलाकात मध्य प्रदेश के रतलाम में एक आधिकारिक ग्रामीण दौरे के दौरान हुई थी। काम्या ने बताया कि उनके पति ने उन्हें किसी महंगी डायमंड रिंग से नहीं बल्कि घास से बनी एक साधारण सी अंगूठी से प्रपोज किया था। यह सादगी भरा किस्सा उनकी लव स्टोरी को और भी खास बनाता है। नौकरी के दौरान ही काम्या ने गरीब बच्चों को पढ़ाने की एक बेहतरीन पहल शुरू की थी। उनका मानना है कि ऐसे कामों से जनता और पुलिस के बीच एक मजबूत विश्वास पैदा होता है। अब उनका अगला बड़ा सपना पटना में एक ऐसा स्कूल खोलने का है जो पूरी तरह से ‘ईस्टर्न नॉलेज सिस्टम’ यानी भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित हो।








