back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 20, 2026
spot_img

कुशेश्वरस्थान में Mid-Day Meal में नई शुरुआत, Headmaster की मिली प्रबंधन की जिम्मेदारी से मुक्ति

spot_img
- Advertisement - Advertisement

कुशेश्वरस्थान पूर्वी में स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना में नई शुरुआत

कुशेश्वरस्थान पूर्वी, दरभंगा में Mid-Day Meal में नई शुरुआत, Headmaster की मिली प्रबंधन की जिम्मेदारी से मुक्ति जहां, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत स्कूली बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) के संचालन में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस योजना के तहत प्रधानाध्यापक मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन की जिम्मेदारी से मुक्त होंगे। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) का शुभारंभ किया गया, जिसमें कुशेश्वरस्थान दक्षिणी पंचायत के सभी विद्यालय शामिल हैं।

- Advertisement -

फीता काटकर योजना का उद्घाटन

इस पहल के तहत कुशेश्वरस्थान दक्षिणी पंचायत के विभिन्न स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने का कार्य औपचारिक रूप से शुरू किया गया।

- Advertisement -
  • उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय अदलपुर में आरपी तनवीर हसन और प्रधानाध्यापक रामचंद्र पासवान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस परियोजना का उद्घाटन किया।
  • अन्य स्कूलों, जैसे मध्य विद्यालय धोबलिया और प्राथमिक विद्यालय धरमपुर में बीईओ राम भरोस चौधरी और संबंधित प्रधानाध्यापकों ने योजना का शुभारंभ किया।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: DMCH में अब नहीं होगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देरी, बेनीपुर MLA विनय चौधरी की मांग पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का बड़ा आश्वासन

पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य

यह प्रोजेक्ट सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में भोजन तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक पेशेवर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शुरू किया गया है।

- Advertisement -
  • पहले दिन, बच्चों को चावल, दाल, और आलू-गोभी की सब्जी परोसी गई।
  • योजना के तहत, खाद्य सामग्री की मासिक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जबकि सब्जियों और अन्य सामग्री की दैनिक आपूर्ति होगी।

जांच और निगरानी

जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच दल ने चयनित विद्यालयों का निरीक्षण किया।

  • आरपी तनवीर अहमद, इमरान काजमी, मुकेश महतो, और विनोद चौधरी ने विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति की जांच की।
  • रसोईयों को ड्रेस कोड का पालन करने और स्वच्छता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

योजना का प्रबंधन और भविष्य की योजना

  • एमडीएम प्रभारी: प्रखंड के एमडीएम प्रभारी श्रवण कुमार को योजना के सफल संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
  • अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे जिले के सभी विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: मौनी बाबा जाएंगे जेल! Mauni Baba को कोर्ट से बड़ा झटका, अग्रिम जमानत खारिज, अब Jail ही है अगला ठिकाना?

स्थानीय प्रशासन का बयान

बीईओ राम भरोस चौधरी ने कहा:
“यह योजना बच्चों को बेहतर पोषण और प्रधानाध्यापकों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर यह सफल रहा, तो इससे जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा सुधार होगा।”

खबर का मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री पोषण योजना में बदलाव:

  • प्रधानाध्यापकों का बोझ कम: कुशेश्वरस्थान में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत, प्रधानाध्यापकों को मध्यान्ह भोजन बनाने की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा रहा है।
  • रसोइयों को जिम्मेदारी: अब रसोइये मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • पायलट प्रोजेक्ट: यह बदलाव पहले पांच विद्यालयों में लागू किया जा रहा है।
  • सफलता पर विस्तार: यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे सभी विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
  • सामग्री की आपूर्ति: चावल और दाल की आपूर्ति मासिक आधार पर की जाएगी, जबकि अन्य सामग्री रोजाना पहुंचाई जाएगी।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: DM ने संभाली औद्योगिक विकास की कमान, उद्यमियों संग 'उद्योग संवाद' में दिए कई बड़े निर्देश

खबर की मुख्य बिंदुओं पर आधारित प्वाइंटर

  • शिक्षकों का ध्यान शिक्षा पर: प्रधानाध्यापकों को मध्यान्ह भोजन के काम से मुक्त करने से वे शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
  • पारदर्शिता में वृद्धि: रसोइयों के जिम्मेदार होने से मध्यान्ह भोजन की तैयारी और वितरण में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
  • कुशलता में सुधार: रसोइयों को प्रशिक्षित करके मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
  • बच्चों के लिए बेहतर भोजन: नियमित रूप से ताजा सब्जियां और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने से बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा।
  • शिक्षा विभाग का फोकस: शिक्षा विभाग अब शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकता है।

यह बदलाव प्रधानमंत्री पोषण योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह पहल न केवल बच्चों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने में मदद करेगी, बल्कि शिक्षकों को भी शैक्षणिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का मौका देगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

मनी मार्केट फंड्स: अतिरिक्त नकदी को सुरक्षित और सुलभ बनाने का स्मार्ट तरीका

Money Market Funds: वित्तीय बाजारों में अपनी अतिरिक्त नकदी को सुरक्षित रखते हुए जरूरत...

Radhika Pandit की 10 खूबसूरत तस्वीरें: सादगी और ग्लैमर का बेमिसाल संगम

Radhika Pandit News: साउथ सिनेमा के 'रॉकिंग स्टार' यश की पत्नी राधिका पंडित भले...

ऋतिक रोशन को क्यों मिली ‘ओ रोमियो’ की तारीफ करने पर फटकार, जानें पूरा माजरा!

Hrithik Roshan News: वैलेंटाइन डे के मौके पर रिलीज हुई शाहिद कपूर की फिल्म...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें