दरभंगा। जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूजित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (Scheduled Castes and Scheduled Tribes) के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय सर्तकता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित की गयी।






बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक/नगर पुलिस अधीक्षक, दरभंगा से मुआवजा के लिए कुल- 14 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें 04 प्रस्ताव त्रुटिपूर्ण, शेष दस मुआवजा प्रस्ताव एवं पूर्व के त्रुटिपूर्ण मामलों में से 01 मामलों का वांछित कागजात प्राप्त हुए। वहीं, 08 वादी-वादनी की ओर से द्वितीय किस्त मुआवजा भुगतान से संबंधित अंतिम प्रतिवेदन के साथ अभ्यावेदन प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल 19 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन्हें दर्ज प्राथमिकी एवं चार्ज शीट के आधार पर मुआवजा देने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
इनमें 01 मामलें हत्या और अपहरण के एवं 18 मामले गाली-गलौज, मारपीट करने तथा जाति सूचक शब्द का प्रयोग करने से संबंधित शामिल थे।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूजित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा – 03(I)(r)(s) एवं भारतीय दण्ड विधान से सम्बद्ध विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी होने पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूजित जनजाति के पीड़ित/लाभुकों/आश्रितों को कुल मुआवजा 01 लाख रूपए, हत्या के मामलें में भारतीय दंड विधान की धारा 302 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूजित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा – 03(I) (g) के अन्तर्गत कुल मुआवजा राशि 08 लाख 25 हजार रूपये एवं यौन उत्पीड़न यानि लज्जा भंग के मामलें में कुल मुआवजा राशि 02 लाख रूपये प्रदान किया जाता है।
प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत देय मुआवजा का 25 प्रतिशत् राशि तथा चार्जशीट होने के उपरांत पर देय मुआवजा का 50 प्रतिशत् एवं सजा मुकर्रर होने पर देय मुआवजा का शेष 25 प्रतिशत् राशि प्रदान की जाती है।
मुआवजा प्रदान करने के लिए स्वीकृत मामलों में कुल 14 लाख 37 हजार 500 रूपये की स्वीकृति समिति द्वारा प्रदान की गयी। अपहरण कर हत्या के मामले तिलकेश्वर ओपी के ग्राम घोड़दौड़,थाना तिलकेश्वर ओपी, जिला दरभंगा से संबंधित है।
बैठक में बेनीपुर डॉ.विनय कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अमित कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी मदन प्रसाद, सदस्य (विशेष लोक अभियोजन एससी-एसटी), सदस्य संजीव कुमार कुंवर एवं एससी/एसटी थाना के थाना प्रभारी उपस्थित थे।








