दरभंगा जिला परिषद की सामान्य बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सामान्य बैठक में जहां शक्ति प्रदर्शन की झलक दिखी।
वहीं, कई बार मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डीडीसी प्रतिभा रानी व अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी आलोक राज ने जिप सदस्यों से आग्रह किया कि आप शांत बैठिए। सदन की कार्यवाही होने दीजिए।






मगर,हालात यूं बिगड़ा कि आधे घंटे के लिए बैठक को स्थगित करनी पड़ी। बैठक के पक्ष में जहां 25 पार्षद थे। विरोधियों की संख्या भी अठारह थी। हालात बिगड़ते चले गए। इस बीच मजिस्ट्रेट ने सिपाहियों को बुलाया। अंत में पुलिस की मदद से मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सदन से बाहर निकली। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, जिला परिषद की सामान्य बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक जिप सभागार में शुरू होते ही जिप अध्यक्ष रेणु देवी की अध्यक्षता में आगे बढ़ी कुछ सदस्यों का विरोध सामने आ गया।
जिप सदस्यों के विरोध व हंगामे को देखते हुए जिप सदस्य लाल सिंह ने कुछ देर के लिए बैठक स्थगित कर आपस में बात करने का सुझाव दिया। जिसे सबों ने स्वीकार कर लिया। बाद में जब बैठक शुरु हुई लाल सिंह ने माफी मांगते हुए कहा कि जिप सदस्यों व अध्यक्ष और उपाध्यक्ष में आपसी सहमति नहीं बन सकी।
इससे 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 में बचे अवशेष राशि से योजनाओं के चयन पर विचार विमर्श, 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2023 – 24 के योजनाओं के चयन, पंचम एवं षष्टम वित्त के अवशेष राशि की समीक्षा पर समुचित चर्चा नहीं हो सकी।
सामान्य बैठक में जहां एक ओर विरोध कर रहे जिप सदस्यों के पक्ष में 18 पार्षद खड़े दिखे। वहीं जिप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ 25 पार्षद दिखे। हालांकि चार सदस्य अनुपस्थित थे।
इस दौरान कई बार मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डीडीसी प्रतिभा रानी व अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी आलोक राज ने जिप सदस्यों को बार बार शांत रहने की अपील करते रहे लेकिन विरोधी गुट के पार्षदों ने उनकी एक ना सुनी। सदन में ही योजनाओं की सूची को फाड़ कर फेंक दिया।
विरोध कर रहे पार्षदों के व्यवहार से आहत मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि सदन की गरिमा होती है, जिसे सभी को मानना पड़ता है। आप लोग बारी-बारी से अपना प्रश्न पूछिए उसका सही जवाब दिया जाएगा। लेकिन इस तरह से सदन की कार्यवाही को बाधित करना ठीक नहीं है।
जिप की सामान्य बैठक के लिए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह मत्स्य प्रसार पदाधिकारी मनोरंजन कुमार ने सदन में हो हंगामा को देख सदन के भीतर सुरक्षा बल को बुला लिया। जिसे देखते ही विरोध कर रहे जिप सदस्य आगबबूला हो गए और वे मजिस्ट्रेट से बहस करने लगे। जिसके बाद डीडीसी ने पार्षदों को शांत करते हुए मजिस्ट्रेट को बाहर रहने का निर्देश दिया।
जिप सदस्यों के हंगामा को देख जब मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जाने लगे तो विरोध कर रहे सदस्य रास्ता रोकते हुए सदन के द्वार पर बैठ गए। इसके बाद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दूसरे दरवाजे से निकालना चाहे लेकिन उस द्वार का भी घेराव कर दिया।
इसके बाद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने एसएसपी को फोन किया जिसके बाद लहेरियासराय थाना की पुलिस पहुंची और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सदन से निकल अपने चैंबर में गए।
बैठक में हंगामा के कारण चर्चा परिचर्चा नहीं होने से नाराज जिप अध्यक्ष रेणु देवी व उपाध्यक्ष ललिता झा सहित 25 पार्षद व 10 प्रखंड प्रमुख सदन से बाहर निकल गए। परिसर में ही धरना पर बैठ गए। वहीं विरोधी खेमा के पार्षद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय गेट पर बैठ गए और कार्यवाही पंजी दिखाने की मांग करने लगे।
बैठक में हंगामा कर रहे जिप सदस्य अमरनाथ शर्मा, धीरज कुमार झा, रंजना कुमारी,स्वतंत्र कुमार झा, अमित कुमार ठाकुर, धीरेंद्र मिश्र समेत अन्य पार्षदों का कहना था कि जिप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की ओर से पार्षदों को योजना देने में अनियमितता बरती जाती है।








