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Darbhanga News: कमतौल में Unseasonal Rain ने तोड़ी किसानों की कमर, लहलहाती फसलें हुईं बर्बाद, अन्नदाता के छलके आंसू

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Unseasonal Rain: आसमान भी क्या खूब सियासत करता है, जब अन्नदाता को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो दगा दे जाता है और जब फसलें सोने सी चमक रही होती हैं तो आंसुओं की बारिश कर देता है। कमतौल क्षेत्र के किसानों के लिए मार्च का महीना कुछ ऐसा ही सितम लेकर आया है। महीने के अंत में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे उनके चेहरों पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं।

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20 और 21 मार्च को हुई तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जो फसलें कुछ दिन पहले तक खेतों में लहलहा रही थीं, आज वही जमीन पर बिछी हुई हैं। इस बारिश ने न सिर्फ रबी फसल बल्कि आम और लीची जैसे बागवानी फसलों पर भी कहर बरपाया है, जिससे किसानों की आर्थिक कमर टूट गई है।

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Unseasonal Rain से डूबी मेहनत और पूंजी

अहियारी के किसान महताब लाल राय अपनी व्यथा बताते हुए कहते हैं कि उन्होंने कर्ज लेकर बड़े अरमानों से खेती की थी। फसल भी अच्छी दिख रही थी, लेकिन इस बेमौसम बरसात ने सब कुछ तबाह कर दिया। आलम यह है कि थ्रेसिंग के लिए रखी सूखी फसल भी भीग गई और खेतों में खड़ी गेहूं की फसल तेज हवा के कारण गिर गई। उन्होंने कहा कि मेहनत तो बर्बाद हुई ही, अब पूंजी भी डूब जाएगी।

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इलाके के अन्य किसान, जैसे कमलेश कुमार ठाकुर, उमेश ठाकुर, और सकलदेव राय भी इसी पीड़ा से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि पीढ़ियां बीत गईं, लेकिन आज भी किसान मौसम की मार झेलने को मजबूर है। कभी सूखा तो कभी बाढ़, और अब यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए एक बुरे सपने की तरह आई है। मदन दास बताते हैं कि तीन बीघे में गेहूं और दो बीघे में सरसों व मसूर की खेती की थी, लेकिन अब सब बर्बाद हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बार-बार भीगने से फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी, जिससे बाजार में सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

विशेषज्ञों ने दी किसानों को यह जरूरी सलाह

क्षेत्र के एक प्रगतिशील किसान धीरेंद्र कुमार के अनुसार, इस चरण में हल्की बारिश तो फायदेमंद हो सकती थी, लेकिन तेज हवा और भारी बारिश ने उपज को बुरी तरह प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से फसल की कटाई में भी देरी होगी, जिससे फसल का नुकसान और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने भी आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की आशंका जताई है।

विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल सरसों की कटाई स्थगित रखें और मौसम साफ होने का इंतजार करें। जिन किसानों के खेत खाली हो गए हैं और वे मूंग बोने की तैयारी कर रहे थे, उन्हें भी बारिश थमने तक रुकने को कहा गया है। यह सलाह दी गई है कि बारिश के बाद आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, वे कार्बेंडाजिम से शोधित बीज का ही प्रयोग करें। इस बारिश ने आम के बौर और लीची की छोटी फलियों को भी भारी क्षति पहुंचाई है, जिससे इस साल फलों के उत्पादन पर भी असर पड़ना तय है।

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