मधुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो। जयनगर नपं क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय दुकानदारों की ओर से सड़कों की जमीन को अतिक्रमित करना महंगा पड़ने वाला है। यानि अब सीधे अतिक्रमणकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ अतिक्रमण हटाया जाएगा।
अनुमंडल व नपं प्रशासन के बार बार अतिक्रमण हटाने के निर्देश के बावजूद अतिक्रमण पहले जैसा रहने के कारण प्रशासन सख्त है। वहीं, ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया है।






अनुमंडल कार्यालय सभागार में एसडीएम वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण से संबंधित बिंदुओं पर नगर पंचायत व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक की गई थी।
बैठक में एसडीएम ने कहा कि पूर्व में जिला प्रशासन के आदेश पर नगर पंचायत क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान के बाद वैसे दुकानदारों की ओर से पुनः सड़कों की जमीन को अतिक्रमित कर दुकान लगाए जाने से जाम की समस्या बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त सड़कों पर फुटकर दुकानदारों का साम्राज्य कायम है।एसडीएम श्री कुमार ने बैठक के माध्यम से उपस्थित नगर पंचायत के ईओ को सख्त निर्देश देते हुए ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर नगरपालिका एक्ट के तहत कार्रवाई करने निर्देश दिया है।
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों समेत अन्य सड़कों को नगर पंचायत की ओर से अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। लेकिन स्थानीय एवं फुटपाथ दुकानदारों की ओर से सड़क को पुनः अतिक्रमित कर दुकान सजाया जा रहा है।
इससे राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भी भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। ईओ ने बताया कि पूर्व में शहर में चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान के बाद अपने दुकान को या अन्य सामान को सड़क पर लगा कर बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगरपालिका की धारा 207 समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश जारी हुआ है।
उन्होंने सभी दुकानदारों व फुटपाथ दुकानदारों को अपना सामान अपने दुकान में रख कर बिक्री करने का आदेश दिया है। अन्यथा नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, मेनरोड, स्टेशन चौक से पटनागद्दी रोड, पीएचसी कार्यालय से राजहाट गली, अशोक बाजार, गुदरी बाजार, खर्गा रोड समेत अन्य जगहों पर सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमणकारियों का साम्राज्य है। इससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है। बैठक में बीडीओ आमना वसी, सीओ सुधीर कुमार एवं कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. इंद्र कुमार मंडल मौजूद थे।








