Patna Encroachment Drive: बिहार की राजधानी पटना में सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार को एक बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी कुन्दन कुमार के विशेष निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें जिला प्रशासन, पटना नगर निगम और पटना पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल थीं। इस व्यापक अभियान के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों से अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाए गए, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर के इन प्रमुख इलाकों में हुई कार्रवाई
गुरुवार को यह अभियान पटना के विभिन्न अंचलों में चलाया गया, जिसमें सड़क किनारे रखे सामानों को जब्त करने के साथ-साथ अवैध ढांचों को भी हटाया गया। मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में कार्रवाई की गई:






- पटना सिटी अंचल: चौक थाना मोड़ से अशोक राजपथ होते हुए मालसलामी थाना तक।
- बांकीपुर अंचल: अशोक राजपथ के संवेदनशील क्षेत्र।
- कंकड़बाग अंचल: भूपतिपुर चौक और दक्षिणी रोड-ठेलवा रोड तक।
- फुलवारीशरीफ नगर परिषद: एनएच-139 थाना गोलंबर से पेठिया बाजार तक।
- पाटलिपुत्र अंचल: ज्ञान भवन, गांधी मैदान, आयुक्त कार्यालय, विस्कोमान भवन, विद्यापति मार्ग और खाऊ गली क्षेत्र।
- अजीमाबाद अंचल: गायघाट बैरियर से नहर रोड स्थित शनिचरा मंदिर तक।
- नूतन राजधानी अंचल: गांधी मैदान के चारों ओर का क्षेत्र।
- खगौल नगर परिषद: दानापुर रेलवे स्टेशन से विजय सिंह यादव पथ तक।
- दानापुर नगर परिषद: बिबिगंज मोड़ से झखरी महादेव मंदिर तक।
इन सभी स्थानों पर सड़क किनारे दुकानदारों, ठेले वालों और निर्माण सामग्री रखने वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन ने सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करने वाले हर प्रकार के अतिक्रमण पर सख्ती दिखाई।
भारी जुर्माना वसूला गया, लाखों की रिकवरी
इस अभियान के तहत अतिक्रमणकारियों से भारी जुर्माना भी वसूला गया। गुरुवार को की गई कार्रवाई में कुल 51,100 रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूला गया। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक चलाए गए अतिक्रमण मुक्ति अभियान के तहत कुल 15,57,350 रुपये की राशि बतौर दंड वसूल की जा चुकी है। यह दर्शाता है कि प्रशासन अतिक्रमण के प्रति गंभीर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहाँ आवागमन सर्वाधिक प्रभावित हो रहा था।
आगे भी जारी रहेगी प्रशासन की सख्ती
प्रशासन ने यह भी बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह भविष्य में भी जारी रहेगा। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। संबंधित एजेंसियां नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी। इस पहल से पटना की सड़कों पर भीड़ कम होने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे शहर की समग्र यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।








