Katihar Muharram Harmony: शुक्रवार को कटिहार जिले में मुहर्रम का पावन पर्व पूरी अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया. इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर के विभिन्न अखाड़ों से भव्य जुलूस निकाले गए, जिनमें हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शिरकत की. इस बार कटिहार का मुहर्रम जुलूस सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बना, बल्कि इसने शहर में सांप्रदायिक सौहार्द, गंगा-जमुनी तहजीब और देश के संविधान के प्रति सम्मान की एक ऐसी अनूठी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे सूबे में हो रही है.
अखाड़े में दिखे हैरतअंगेज करतब, नेताओं ने बढ़ाया हौसला
अड़गड़ा चौक पर सजे मुख्य अखाड़े में विभिन्न कमेटियों के लाठीबाजों और जांबाज कलाकारों ने अपनी पारंपरिक युद्ध कला का प्रदर्शन किया. कलाकारों ने लाठी-भाला, तलवारबाजी और पारंपरिक मार्शल आर्ट के ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए कि देखने वाले लोग दंग रह गए. इस ऐतिहासिक अखाड़े का हौसला बढ़ाने के लिए कटिहार के सांसद तारिक अनवर, मेयर उषा देवी अग्रवाल और सांसद प्रतिनिधि सुनील यादव सहित मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष और सचिव विशेष रूप से मौजूद रहे. अतिथियों ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी मुहर्रम कमेटियों को बधाई दी.






ताजिया में गूंजा ‘मेरा भारत महान’, संविधान का दिखा स्वरूप
इस वर्ष गर्ल्स स्कूल रोड से निकले एक ताजिया ने हर वर्ग के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. यह ताजिया पूरी तरह राष्ट्रीय भावना के रंग में रंगा था. ताजिया के ऊपर ‘मेरा भारत महान’ का नारा लिखा था, जिसके साथ भारत के नक्शे के बीचों-बीच भारतीय संविधान की एक सुंदर छवि और राष्ट्रध्वज तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था. जुलूस में शामिल युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया:
इस्लाम और मुहर्रम का असली पैगाम इंसानियत, न्याय और भाईचारा है, और देश का संविधान हमें इसी एकता के सूत्र में बांधता है.
रानी सती मंदिर के सामने मुस्लिम युवाओं ने बनाई मानव श्रृंखला
मुहर्रम जुलूस के दौरान कटिहार की धरती से देश को कौमी एकता का सबसे बड़ा संदेश तब मिला, जब जुलूस शहर के व्यस्त दौलत राम चौक स्थित ऐतिहासिक रानी सती मंदिर के समीप पहुंचा. जैसे ही अखाड़े की भीड़ और ताजिया मंदिर मार्ग से गुजरने लगे, मुस्लिम समुदाय के दर्जनों जिम्मेदार युवाओं ने तुरंत आगे आकर रानी सती मंदिर के मुख्य द्वार के सामने एक मजबूत मानव श्रृंखला (Human Chain) बना दी. इस पहल का उद्देश्य जुलूस की भीड़ को अनुशासित रखना, मंदिर परिसर को सुरक्षित रखना और वहां से गुजरने वाले किसी भी आम राहगीर या श्रद्धालु को असुविधा न होने देना था. इस अभूतपूर्व कदम की हर तरफ सराहना हो रही है.
ड्रोन से निगरानी, प्रशासन ने रखी चाक-चौबंद सुरक्षा
ढोल-ताशे की गूंज और ‘या हुसैन’ के नारों के बीच निकले इस जुलूस में बच्चे, बूढ़े और नौजवानों का हुजूम उमड़ पड़ा. पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जगह-जगह दंडाधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और त्वरित कार्य बल के जवानों को तैनात किया गया था. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार डिजिटल निगरानी की गई. शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मुहर्रम संपन्न होने पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी ने जिला व पुलिस प्रशासन सहित कटिहार की जनता का आभार व्यक्त किया है, जो इस एकता और सद्भाव के पर्व का साक्षी बनी.








