मुख्य बातें
बेनीपट्टी के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में दो घंटे तक किया गया औचक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान मिली कई अनियमितता व खामियां, साफ सफाई भी असंतोषजनक
गैस के जमाने में एक महीनें में खपत होता है़ 60-70 हजार रुपए का कोयला
फोटो: बेनीपट्टी के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण करती सीओ
बेनीपट्टी, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। मुख्य सचिव के निर्देश के आलोक में बेनीपट्टी की अंचलाधिकारी पल्लवी कुमारी गुप्ता ने मुख्यालय के कटैया रोड में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक औचक निरीक्षण चला।






इसमें साफ सफाई, छात्रा व शिक्षकों की उपस्थिति पंजी, नाइट गार्ड, आवागमन पंजी, कैशबुक, नामांकन पंजी, भोजन की गुणवत्ता, कमरे की स्थिति सहित अन्य बिंदुओं पर जांच की गयी। अंचलाधिकारी ने बताया कि छात्रावास में कक्षा 6 से 8 वर्ग तक की बच्चियों के लिये पठन पाठन की व्यवस्था निर्धारित है़।
अभी फिलहाल 91 छात्रा नामांकित हैं। इनमें मंगलवार को 35 छात्रा उपस्थित पायी गयी। वहीं सोमवार को पंजी के अनुसार 40 छात्रा मौजूद थी। छात्रावास का संचालन श्रीपति झा द्वारा किया जा रहा है। जबकि निरीक्षण के दौरान वार्डेन रंभा कुमारी उपस्थित थीं। जबकि पार्टटाइम शिक्षक के रूप में मधु श्री हैं, जो निर्धारित समयानुसार छात्रावास में नही आती हैं। उनके आने का समय 2 बजे अपराह्न से संध्या 7 बजे तक है, लेकिन वें मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। एक नाइट गार्ड और दो रसोइया है़।
उन्होंने बताया कि तीन कारगर कमरे में बच्चियों के रहने की व्यवस्था की गयी है़। लेकिन कमरे में लाइट और पंखे की व्यवस्था ठीक नही है़। साथ ही साफ-सफाई बच्चियों की ओर से कराया जाता है़। जबकि शौचालय की स्थिति भी काफी खराब है़। बच्चियों को किताब सहित किसी प्रकार की भी निर्धारित सुविधा उपलब्ध नही करायी जा रही है़।
अंचलाधिकारी ने बताया कि अधिक राशि का उपयोग कोयला मंगाने में किया जाता है़। छात्रावास में एक महीनें में 60-70 हजार रुपए के कोयले खर्च हो जा रहे हैं। जब वार्डेन से गैस उपयोग ना कर कोयले पर जोड़ देने के संबंध में पूछा गया तो उनकी ओर से बताया गया कि बच्ची कहीं आग लगा लेगी इसलिए गैस उपयोग नही करते हैं।
सीओ ने बताया कि छात्रावास में उपस्थिति, नामांकन, आवागमन और कैशबुक संधारित नही था। आवागमन पंजी संधारित नही रहने के कारण कौन बच्ची किसके साथ आयी और किसके साथ गयी यह पता नही चल पाया। अंचलाधिकारी ने बच्चियों के लिए बने रात्रि भोजन के गुणवत्ता की भी चख कर जांच की। सीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।








