लखनौर,मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। झंझारपुर आरएस ओपी थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय कैथीनिया की शिक्षिका वीणा कुमारी पर निगरानी विभाग की ओर से बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
निगरानी के पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र राम ने उक्त नियोजित शिक्षिका तथा अन्य अज्ञात व्यक्ति जो अंकपत्र की कूट रचना के धोखाधड़ी में सहयोग किए हैं उन पर भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताते चलें, उच्च न्यायालय पटना की ओर से दायर जनहित याचिका संख्या सीडब्ल्यूजेसी नंबर 15459/14 में पारित आदेश के आलोक में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की जांच निगरानी विभाग की ओर से किया जा रहा है।






जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मधुबनी की ओर से निगरानी विभाग को उपलब्ध कराए गए फोल्डर के अवलोकन से पाया गया कि वीणा कुमारी, पिता गोपीनाथ मिश्रा, पति सुबोध चौधरी, दिग्गी दोनार, दरभंगा जिला की निवासी है। जिनका नियोजन 2007 में प्रखंड शिक्षिका के रूप में मध्य विद्यालय कैथीनिया में हुआ था। जो वर्तमान में भी इस विद्यालय में कार्यरत है।
शिक्षिका वीणा कुमारी की ओर से प्रस्तुत वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 1984 में रोल कोड 6119 क्रमांक 375, जन्मतिथि 2 मार्च 1970 एवं कुल प्राप्तांक 407 दिखाया गया है। जिससे पता चलता है कि उक्त शिक्षिका द्वितीय श्रेणी से इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुई है।
परंतु जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को अंक पत्र भेजा गया तो उसमें इस रोल कोड और क्रमांक के परीक्षार्थी वीणा कुमारी का कुल प्राप्तांक 347 पाया गया। उस परीक्षा में वह फेल दर्ज है। इसके कारण इस अंक पत्र को फर्जी करार दिया गया है। अब निगरानी विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इसके बाद धोखाधड़ी कर नौकरी प्राप्त करने की आस लगाने वाले कर्मियों में हड़कंप मच गया है।








