
Madhubani Murder: रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक बहू ने अपनी ही सास को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात बिहार के मधुबनी जिले में हुई, जिसने इलाके को सन्न कर दिया है। हत्या के बाद बहू ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
बहू ने की सास की निर्मम हत्या
यह सनसनीखेज Madhubani Murder वारदात मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में रविवार सुबह घटित हुई। मृतका की पहचान 50 वर्षीय आशा देवी के रूप में हुई है। आरोपी बहू का नाम पूनम देवी है। वारदात के बाद पूनम घर से फरार हो गई थी, लेकिन बाद में उसने खुद को कलुआही पुलिस के हवाले कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। आशा देवी के तीन बच्चे हैं, जिनमें उनका सबसे छोटा बेटा सरोज साहू चंडीगढ़ में रहता है।
पारिवारिक विवाद: सास-बहू के बीच क्यों हुआ खूनी संघर्ष?
मृतका के दामाद सुनील साहू ने बताया कि आशा देवी और उनकी बहू पूनम देवी के बीच अक्सर बाहरी व्यक्तियों के घर आने-जाने को लेकर झगड़ा होता रहता था। पड़ोस में रहने वाली बच्ची देवी ने भी इस बात की पुष्टि की और बताया कि पूनम देवी ने पहले भी आशा देवी को जान से मारने की धमकी दी थी। ग्रामीणों के अनुसार, पूनम देवी की शादी लगभग 15 साल पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे भी हैं। सुनील साहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूनम देवी पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उनके साले सरोज साहू को बहला-फुसलाकर शादी कर ली थी। इसी पारिवारिक विवाद और शक के चलते यह घटना हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस की जांच जारी, ग्रामीणों का हंगामा
हत्या के बाद पूनम देवी ग्रामीणों के गुस्से से बचने के लिए सीधे थाने पहुंच गई थी। सूचना मिलते ही कलुआही पुलिस टीम दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बारीकी से हर पहलू की जांच की। कलुआही थाना अध्यक्ष पायल भारती ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह Madhubani Murder का मामला प्रतीत होता है। मृतक के दामाद सरोज साहू ने इस मामले में ‘खून का बदला खून’ की मांग की है।
शुरुआत में ग्रामीणों ने शव को उठाने का विरोध किया। उनकी मांग थी कि हत्यारी बहू को उनके सामने लाया जाए, क्योंकि उन्हें डर था कि शव ले जाने के बाद न्याय नहीं मिल पाएगा। मौके पर मौजूद कलुआही थाना प्रभारी पायल भारती और खजौली सर्कल इंस्पेक्टर अभय कुमार ने स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







