मुख्य बातें
विभाग और संवेदक की लापरवाही से आज तक नहीं बनी पाली बरदाहा सड़क
पांच साल मेंटिनेंस अवधि में नहीं हुई मरम्मति, राशि का हुआ बंदरबांट, विभाग उदासीन
लोग पूछ रहे सांसद,विधायक और एमएलसी से सवाल, कोई है जो दे जनता के आक्रोश का जवाब
फोटोः बेनीपट्टी के पाली से बरदाहा जाने वाली जर्जर सड़क
बेनीपट्टी, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। प्रखंड के पाली-बरदाहा भाया कमतौल सड़क आज भी संवेदक की लापरवाही का दंश झेल रहा है। बेनीपट्टी-मधुबनी स्टेट हाइवे-52 पाली चौक से बरदाहा जाने वाली सड़क का निर्माण अब तक अधर में है।






स्थानीय विधायक, सांसद और एमएलसी सहित किसी भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान उक्त सड़क के निर्माण के दिशा में नहीं जा रहा है। पाली के मुखिया राजेंद्र मिश्रा, छेदी झा, बेचन दास, पवितर दास, हेमलाल, अब्दुल मालिक, रुदल राम, देवेंद्र मंडल, सहदेव सहनी और कप्लेश्वर सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि नाबार्ड योजना से 2007 में पाली बरदाहा सड़क का निर्माण किया गया।
निर्माण के दौरान किए गए मापी में संवेदक की लापरवाही के कारण एसएच-52 से लाल पोखरा तक 1600-1700 फीट में सड़क की मापी नहीं हो सकी। इसके कारण उक्त दूरी में सड़क का निर्माण नहीं किया गया। सड़क निर्माण नहीं होने से इस मार्ग में परिचालन करने वाले राहगीर और ग्रामीण काफी परेशान हैं।
सड़क की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जहां परिचालन और आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है़। जबकि यह सड़क बेनीपट्टी और कमतौल दरभंगा को जोड़ने वाली काफी महत्वपूर्ण मार्ग है़। खासकर बरसात के दिनों सड़क कीचड़मय हो जाती है़।
मुखिया सहित लोगों ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व सड़क निर्माण नहीं होने से आक्रोशित स्थानीय लोगों की ओर से उस समय सड़क पर लगे पानी में धनरोपनी कर भी आक्रोश जाहिर किया गया था। साथ ही यह जर्जर सड़क वर्ष 2011 और 2017 सहित कई प्रलयंकारी बाढ़ों का सामना कर चुकी है। बाढ़ के दौरान सड़क का अस्थिपंजर निकल गया। साथ ही कई जगहों पर सड़क टूट भी गयी। इसके कारण इस मार्ग से परिचालन ठप हो गया था। वहीं टूटाव स्थल पर गहरा गड्ढा बन गया।
वैसे तो पाली-बरदाहा सड़क पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मगर डेढ़ किलोमीटर की दूरी, जहां सड़क निर्माण नही हो सका, काफी दयनीय स्थिति बनी हुई है। बाइक सहित अन्य वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी रहती है।
वहीं पैदल आवागमन करने वालों को काफी कठिनाई होती है। लोगों ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के बाद पांच वर्षों तक मेंटिनेंस के लिए रुपए आवंटित किये जाते हैं, मगर विभाग से साठगांठ कर संवेदक की ओर से राशि का बंदरबांट कर लिया गया। मुखिया श्री मिश्रा ने कहा कि छूटे हुए दूरी में सड़क निर्माण के लिये 25 फरवरी को ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को आवेदन दिया गया। जिस पर अबतक कोई संज्ञान नही लिया गया है़।
साथ ही एक बार फिर सड़क की मरम्मती के लिए विभाग की ओर से निविदा की प्रक्रिया की गयी है़ और संवेदक भी नियुक्त किया गया है़। लेकिन जब संवेदक से छूटे हुए दूरी में सड़क निर्माण भी करने के लिए कहा गया तो वें सीधे तौर पर मना कर दिए। इसके कारण लोगों में आक्रोश गहराने लगा है़। लोगों ने कहा कि सड़क निर्माण नही किया गया तो बाध्य होकर ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगें।








