Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के जाले नगर परिषद क्षेत्र में रविवार को न्याय की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च भोजपुर के समाजसेवी भरत भूषण तिवारी की मौत और दरभंगा के मो. फैज हत्याकांड की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर पीड़ित परिवारों के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे थे।
न्याय की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब
साथी चौक से शुरू होकर यह कैंडल मार्च शंकर चौक होते हुए खड़का मोड़ तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में समाजसेवी और स्थानीय लोग शामिल हुए। सोशल एक्टिविस्ट धीरेन्द्र कुमार उर्फ धीरेन्द्र कपूर, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कुमार पाठक और मो. मोजक्किर खान ने बताया कि इस कैंडल मार्च का मुख्य उद्देश्य दोनों गंभीर मामलों में न्याय सुनिश्चित कराना है।






धीरेन्द्र कुमार उर्फ धीरेन्द्र कपूर, मुकेश कुमार पाठक एवं मो. मोजक्किर खान ने बताया कि कैंडल मार्च दोनों मामलों में न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
‘एनकाउंटर नहीं, हत्या थी’: भरत भूषण तिवारी मामले में आरोप
मार्च के दौरान वक्ताओं ने भरत भूषण तिवारी की मौत को कथित एनकाउंटर मानने से इनकार किया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर हत्या बताते हुए मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी तरह, मो. फैज हत्याकांड के दोषियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर उन पर कड़ी से कड़ी सजा लागू करने की पुरजोर अपील की गई।
वक्ताओं ने भरत भूषण तिवारी की मौत को कथित एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही मो. फैज हत्याकांड में भी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की मांग उठायी।
कैंडल मार्च में शामिल मिर्जा आरजू बेग, अनिल झा, मो. इमरान, रामसागर चौधरी, लक्ष्मण नायक, चंदन मेहता और मो. आरजू जैसे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की। उनका मानना है कि जब तक दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक पीड़ित परिवारों को सच्चा न्याय नहीं मिल पाएगा। इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों का कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।








