Bihar ATM Fraud: मध्य प्रदेश और बिहार में एटीएम धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड एक सीनियर इंजीनियर अभिषेक कुमार निकला, जिसे मुजफ्फरपुर पुलिस ने भोपाल पुलिस के सहयोग से भगवानपुर स्थित उसके किराये के मकान से गिरफ्तार किया है। अभिषेक पर एसबीआई के दर्जनों एटीएम से 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी उड़ाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने छपरा और गया के युवकों को मिलाकर अपना गिरोह बनाया था। इस गैंग में दो इंजीनियरिंग के छात्र भी शामिल हैं। अब तक मास्टरमाइंड समेत कुल सात शातिर अपराधी पकड़े जा चुके हैं। इनमें छपरा और गया के कई सदस्य हैं।






भोपाल में ATM से लाखों उड़ाए, फिर बिहार में पकड़ा गया इंजीनियर
भोपाल के शाहपुरा, अशोका गार्डन और कोलार इलाकों में 10 से 15 दिनों के भीतर एसबीआई के आठ एटीएम में एक ही तरीके से वारदात की गई। गैंग के सदस्यों ने एटीएम के रुपये निकलने वाले शटर में छेड़छाड़ (शटर टेम्परिंग) कर लाखों रुपये निकाल लिए। एटीएम की सुरक्षा का काम देखने वाली एजेंसी कोर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक चौरसिया ने शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए मो. शागिर्द और प्रिंस गुप्ता को पहले हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर सोनू उर्फ विपुल, साकेत खेतान, साहिल अली और आसिफ आलम को भी गिरफ्तार किया गया। सोनू उर्फ विपुल भोपाल के एक बड़े कॉलेज से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र है।
छपरा में चलता था ‘ट्रेनिंग कैंप’, सिखाते थे ATM से पैसे निकालने के गुर
पूछताछ में मो. शागिर्द ने खुलासा किया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड इंजीनियर अभिषेक कुमार है, जो मुजफ्फरपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने मुजफ्फरपुर सदर थाने की पुलिस की मदद से शुक्रवार को भगवानपुर से अभिषेक को दबोच लिया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया कि अभिषेक ने छपरा के डोरीगंज इलाके में एक ‘ट्रेनिंग कैंप’ बना रखा था।
यहां नए लड़कों को एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ करने, शटर टेम्परिंग करने और एटीएम से ठगी के गुर सिखाए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, ट्रेनिंग के बाद गिरोह के सदस्यों को अलग-अलग राज्यों के बड़े शहरों में ठगी के लिए भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 हजार रुपये नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है।
सदर थानेदार नवलेश कुमार ने बताया कि भगवानपुर से पकड़े गए आरोपित अभिषेक कुमार को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल पुलिस अपने साथ ले गई है। अभिषेक वर्तमान में एक सीएमएस कंपनी के इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। एटीएम में कुछ गड़बड़ी होने पर वह ठीक करने का काम करता था। भोपाल में पकड़े गए छह शातिर अभिषेक के पूर्व परिचित थे।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रही है। मास्टरमाइंड अभिषेक को कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल ले जाने की तैयारी चल रही है। इस गिरफ्तारी से बिहार में चल रहे एटीएम धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क पर लगाम लगने की उम्मीद है।








