Bihar Land Acquisition: बिहार सरकार ने बिहार के भागलपुर जिले में प्रस्तावित पिरपैंती पावर प्लांट से जुड़े रेल-सह-सड़क कॉरिडोर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। यह कॉरिडोर 161.01 एकड़ भूमि पर बनेगा, जिसके लिए सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। जिला भूमि अधिग्रहण कार्यालय के अनुसार, सार्वजनिक सुनवाई, जांच और प्रभावित भू-स्वामियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के निपटारे के बाद यह अधिसूचना जारी की गई है।
सात गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण, 501 किसान प्रभावित
यह भूमि अधिग्रहण पिरपैंती ब्लॉक के सात राजस्व गांवों में किया जाएगा, जिससे कुल 501 भू-स्वामियों पर असर पड़ेगा। सबसे अधिक भूमि बसंतपुर गांव से अधिग्रहित की जाएगी, जहां 191 भू-स्वामियों की 65.992 एकड़ जमीन शामिल है। इसके बाद हरिनकोल से 165 भू-स्वामियों की 56.4686 एकड़ भूमि ली जाएगी। शेष भूमि खिदरपुर (17.475 एकड़, 69 भू-स्वामी), इमाम नगर (10.2269 एकड़, 24 भू-स्वामी), ककरघाट (7.1906 एकड़, 31 भू-स्वामी), चौधरी बसंतपुर (2.0969 एकड़, 13 भू-स्वामी) और महेशराम (1.56 एकड़, 8 भू-स्वामी) से अधिग्रहित होगी।






विस्थापित नहीं होंगे परिवार, मिलेगा पूरा मुआवजा
भूमि अधिग्रहण कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना से किसी भी परिवार के विस्थापित होने की संभावना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रभावित भू-स्वामियों को लागू भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कानूनों के प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा और अन्य वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी किसान को नुकसान न हो।
5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, आर्थिक लाभ का आकलन
परियोजना के खाके के अनुसार, प्रस्तावित कॉरिडोर 5 किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा होगा। यह पिरपैंती के लक्ष्मीपुर होरंग हाल्ट से सुंदरपुर गांव तक फैलेगा। रेलवे लाइन का उपयोग मुख्य रूप से पावर प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए किया जाएगा, जबकि सड़क सार्वजनिक और पावर प्लांट के वाहनों दोनों के लिए सुलभ होगी। सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) रिपोर्ट के मुताबिक, पावर प्लांट और परिवहन कॉरिडोर से निर्माण और संचालन दोनों चरणों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नई सड़क से आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा। यह भी अनुमान है कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन से अंग क्षेत्र, जिसमें भागलपुर भी शामिल है, में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और औद्योगिक एवं वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।








