Bhagalpur Flood: भागलपुर: नाथनगर के दियारा क्षेत्र में बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से यहां के ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राघोपुर से बिसनपुर के बीच आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया है, जिससे लोगों को नाव के सहारे ही एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो अगले 5-6 दिनों के भीतर पूरा गांव बाढ़ के पानी में समा सकता है।
जीवन रेखा बनी नाव, हजारों का जोखिम भरा सफर
पिछले 5-6 दिनों से बिहार के इस दियारा क्षेत्र में जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसने स्थानीय लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। राघोपुर से बिसनपुर तक का करीब 4 किलोमीटर का सफर अब नाव के बिना असंभव हो गया है। नाविक गोपी मंडल ने बताया कि क्षेत्र के सभी नाविक मिलकर रोजाना 2 से 3 हजार लोगों को नाव के जरिए राघोपुर से बिसनपुर पहुंचाते हैं। बाढ़ के कारण ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाविक गोपी मंडल ने बताया, “क्षेत्र के सभी नाविक मिलकर रोजाना करीब 2 से 3 हजार लोगों को नाव से राघोपुर से बिसनपुर तक पहुंचाते हैं।”
हर साल की समस्या, इस बार बीमारी और पलायन का खतरा
नाथनगर का दियारा क्षेत्र हर साल बारिश के मौसम में बाढ़ की चपेट में आता है, लेकिन इस बार लगातार बढ़ते पानी ने ग्रामीणों की चिंता को और गहरा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी घरों में घुसने से बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें अपने घरों को छोड़कर मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। यह हर साल की त्रासदी है, जो इस बार और भयावह रूप ले रही है।
ग्रामीणों का कहना है, “यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो अगले 5-6 दिनों में पूरा गांव बाढ़ के पानी में डूब सकता है। बाढ़ का पानी घरों में घुसने से बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक राहत एवं बचाव व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े पैमाने पर विस्थापन और जनजीवन का नुकसान हो सकता है।







