Bhagalpur Snake Bite: बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत नदी थाना क्षेत्र के सिंहकुंड गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बाढ़ के पानी में जहरीले सांप के डंसने से एक आंगनबाड़ी सेविका की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहरीले जीवों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ के बीच कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
लोकमानपुर पंचायत के आजाद नगर टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-84 की सेविका बबीता रानी (39) दोपहर करीब 2:30 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाढ़ के पानी से भरे रास्ते में उनकी मुलाकात एक सांप से हुई। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बबीता ने पानी के बीच एक चूहे के पीछे सांप को दौड़ते देखा। दुर्भाग्यवश, सांप उनके पैर से टकराया और उन्हें दो बार डंस लिया।
परिजनों के अनुसार सांप ने उन्हें दो बार डंसा, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और शरीर से काफी खून निकलने लगा।
सांप के डंसने के बाद बबीता किसी तरह अपने घर पहुंचीं और घटना की जानकारी अपने पति को दी, जो जीविका में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों ने तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था शुरू की, लेकिन बाढ़ के कारण आवागमन की स्थिति बेहद खराब थी।
इलाज में देरी बनी मौत की वजह
बाढ़ के कारण, बबीता रानी को अस्पताल पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहले उन्हें नाव के माध्यम से सिंहकुंड से लोकमानपुर लाया गया। इसके बाद, लोकमानपुर से सीएनजी टेंपो के जरिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने में लगभग 35 से 40 मिनट का महत्वपूर्ण समय लग गया।
अनुमंडल अस्पताल नवगछिया पहुंचने पर चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों ने चिकित्सकों से दोबारा जांच करने का आग्रह करते हुए दावा किया कि बबीता जीवित हैं और उनका इलाज संभव है। चिकित्सकों ने पुनः जांच की, लेकिन दोबारा जांच के बाद भी उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी, परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ा जहरीले जीवों का खतरा
इस हृदय विदारक घटना से पूरे सिंहकुंड और लोकमानपुर पंचायत क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पुलिस की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहरीले सांपों और अन्य जलीय जीवों के बढ़ते खतरे को उजागर किया है, जिससे ग्रामीणों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन को इन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव कार्यों को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।







