Darbhanga Literacy: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरो में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्रों ने दस लोगों को साक्षर बनाने का संकल्प लिया, जो जिले में शिक्षा के प्रति एक नई जागरूकता का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने किया, जिन्होंने घर से ही साक्षरता अभियान शुरू करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने साक्षरता को बुनियादी मानवाधिकार बताया। उन्होंने कहा कि साक्षरता समाज में समानता, स्वतंत्रता और विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उनका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर साक्षरता के महत्व को उजागर करना था, ताकि विश्व का हर व्यक्ति शिक्षित हो सके। छात्रों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपने घर के निरक्षर सदस्यों को शिक्षित करें, फिर अपने टोले और मुहल्ले में यह अभियान चलाएं। इसी से साक्षर परिवार, साक्षर समाज और अंततः साक्षर राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।
घर से शुरू करें साक्षरता अभियान: शिक्षा का नया संकल्प
विद्यालय में हुए इस कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ दस लोगों को साक्षर बनाने की शपथ ली। यह पहल न केवल शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर साक्षरता दर बढ़ाने में भी सहायक होगी। शिक्षक गौतम जौहरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए देश के पूर्ण साक्षर राज्यों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि केरल के साथ-साथ मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, त्रिपुरा, सिक्किम और उत्तराखंड जैसे राज्य पूर्ण साक्षर बन चुके हैं।
“अभी के समय में साक्षरता का दायरा सामान्य अक्षरबोध से निकलकर डिजिटल साक्षरता तक बढ़ चुका है। साक्षरता का सकारात्मक प्रभाव व्यक्तियों के संपूर्ण जीवन पर पड़ता है।” – गौतम जौहरी, शिक्षक
महिला साक्षरता से सशक्त होगा समाज, डॉ. अन्नू कुमारी का आह्वान
शिक्षिका डॉ अन्नू कुमारी ने महिला साक्षरता के बढ़ते दायरे को एक शुभ संकेत बताया। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे नागरिक का पालन-पोषण मां की गोद से ही होता है। एक साक्षर माता पूरे परिवार को शिक्षित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने अज्ञानता के कारण जीवन में महत्वहीन बातों में उलझने की प्रवृत्ति पर भी प्रकाश डाला और सभी को शिक्षित होने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि सही और गलत के बीच का अंतर समझा जा सके।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ शिक्षक गौतम जौहरी, डॉ अन्नू कुमारी, बबीता, आमिर खान, देवेंद्र प्रताप सिंह, अंशु प्रभा, चंद्रप्रभा और प्रियंका सहित अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। यह आयोजन Darbhanga Literacy अभियान को नई दिशा देने वाला साबित होगा, जिससे शिक्षा की लौ हर घर तक पहुंचेगी।







